भारत में बोतलबंद पानी पीना होगा महंगा, तेल गैस के बाद अब पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर पर असर, जानिए वजह  

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Published By Anjali Singh
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मुंबई। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें पॉलीमर की लागत को तेजी से बढ़ा रही हैं, जिससे प्लास्टिक बोतल की कीमत बढ़ रही है और अंतत: बोतलबंद पानी की कीमत बढ़ रही है। उल्लेखनीय है कि पॉलीमर कच्चे तेल से प्राप्त होता है और बोतलबंद पानी के लिए उपयोग की जाने वाली प्लास्टिक की बोतलों के निर्माण के लिए सबसे महत्वपूर्ण कच्चा माल होता है। 

इसकी बढ़ती कीमतें सीधे तौर पर बोतलबंद पेयजल के उत्पादन को प्रभावित कर रही हैं। एसोसिएशन के अनुसार, प्लास्टिक की बोतलों के निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री की कीमत में लगभग 50 प्रतिशत का उछाल आया है और यह करीब 170 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। 

इसके अलावा, बोतलों के ढक्कन की लागत में भी भारी वृद्धि हुई है, जो दोगुनी से अधिक होकर लगभग 0.45 रुपये प्रति नग हो गई है। इसके अलावा, पैकेजिंग और सीलिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले कोरुगेटेड बक्से, लेबल और चिपकने वाली टेप की कीमतों में भी काफी वृद्धि देखी गई है, जिससे बोतलबंद पानी निर्माताओं के लिए कुल उत्पादन लागत और बढ़ गई है। 

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