सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग चरम परः कीमतें छू रही आसमान, लोगों को टोल-फ्री नंबर भी कर रहा परेशान... कैसे बुक कराएं गैस?

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : शहर में रसोई गैस की उपलब्धता का प्रशासन का दावा धरातल पर नहीं दिख रहे हैं। अधिकारी केवल ऑनलाइन रिपोर्ट, निरीक्षण और छापेमारीतक सीमित हैं। वह आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों की परेशानी नहीं समझ रहे हैं। मूल समस्या कहां है और इसे कैसे दूर किया जाए, इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हालत ये है कि गैस कंपनियों के बुकिंग विकल्प काम ही नहीं कर रहे हैं। उपभोक्ता मोबाइल व ऑनलाइन गैस बुक नहीं कर पा रहे हैं। कंपनियों के टोलफ्री नंबर तक नहीं लग रहे हैं। घंटों बाद नंबर लगता भी है तो फोन कट जाता है। वेबसाइट पर बुकिंग करने पर लोड होने से सर्वर एरर बताता है। उपभोक्ता एजेंसियों पर पास बुक लेकर जाते हैं तो पर्याप्त स्टॉक न होने का हवाला देकर उनको लौटाया दिया जाता है। पहले से बुक सिलेंडर भी नहीं मिल रहे हैं। रोजमर्रा का भोजन पकाने के अलावा ईद और नवरात्र करीब होने से उपभोक्ता ज्यादा परेशान हैं।

950 का सिलेंडर 2500 रुपये तक रहा बिक

शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी रसोई गैस की किल्लत बढ़ रही है। व्यवसायिक क्षेत्रों के आगे बढ़ा संकट है। ज्यादातर होटल, ढाबे, ठेले, रेस्टोरेंट, मेस, कैंटीन बंद होते जा रहे हैं। क्योंकि इन्हें व्यवसायिक सिलेंडर नहीं मिल रहा है। कुछ बड़े प्रतिष्ठान ब्लैक में चोरी-छिपे घरेलू सिलेंडर महंगे दामों पर खरीद कर इस्तेमाल कर रहे हैं या फिर भट्ठियां जलाने लगे हैं और खानपान के दाम बढ़ाकर लोगों से वसूल रहे हैं। दामों का असर न संचालकों पर है न ही जिम्मेदार विभाग पर भुगत आम आदमी रहा है। कारोबारी कहते हैं कि 2500 तक लेने की मजबूरी है।

छोटे कारोबारी की आमदनी से ज्यादा महंगी गैस

बाजार में व्यावसायिक सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। खानपान बनाने वाले छोटे कारोबारियों के लिए ब्लैक में सिलेंडर खरीदना उनके बजट में नहीं है। रोज की आमदनी से ज्यादा सिलेंडर महंगा है। लकड़ी व कोयले की भट्ठियां भी रोज कमाने खाने वालों की आमदनी से महंगी पड़ रहीं हैं। इसलिए मेस व ठेले बंद करके घरों पर बैठक कर हालात सुधरने का इंतजार कर रहे हैं। बाहर से आए नौकरी-पेशा वाले व पढ़ने छात्र-छात्राएं भी परेशान हैं। न इन्हें खाना बनाने के लिए गैस मिल रही है न ही बाहर खाना मिल रहा है।

उपभोक्ता परेशान, कैसे बुकिंग कराएं ?

- तीन दिन से गैस बुक नहीं हो रही है। टोलफ्री नंबर नहीं लगता है, जब लगता है तो कट जाता है। ऑनलाइन करने पर सर्वर एरर बताता है।

- संजीव कुमार, ठाकुरगंज।

- घर पर गैस नहीं है। तीन दिन से टोलफ्री नंबर अमान्य बता रहा है। सर्वर खराबी से ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही है। एजेंसी पर जाते हैं तो पर्याप्त स्टॉक नहीं है। कर्मचारी आश्वासन देकर लौटा देते हैं।

- विनीता शर्मा, अलीगंज

- गैस न होने की वजह से दो दिन से खाना बनाना मुश्किल हो रहा है। बुकिंग करने पर टोलफ्री नंबर कभी नॉट रीचेबल तो कभी अमान्य बताता है। एजेंसी जाने पर कर्मचारी माेबाइल से ही बुकिंग करने को कहते हैं।

- रितिक, अलीगंज

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