Bareilly: बीमा क्लेम हड़पने को एक ही चालक पांच बार शामिल दिखाया
बरेली, अमृत विचार। संगठित गिरोह बनाकर अज्ञात वाहनों से दुर्घटनाओं के मामले में बीमा की राशि हड़पने के लिए वाहन और चालक मुहैया कराने वाले गिरोह ने एक ही चालक को अलग-अलग पांच हादसों में शामिल दिखाया। इसके बाद कंपनी का शक और गहरा हुआ। जांच में मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद गिरोह में शामिल सदस्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस गिरोह में शामिल लोगों की कुंडली खंगाल रही है। जिसके बाद गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
बीमा कंपनी आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस के प्रतिनिधि अंकुर सक्सेना ने इज्जतनगर थाने में जगदीश, नत्थू सिंह, मोहम्मद शकील, नन्हे बाबू, रामसरन, रोहित गुप्ता, मोहित मिश्रा, सूर्य प्रताप, जगजीत पता नामालूम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराया है। आरोप है कि क्लेम हड़पने के लिए संगठित गिरोह बना रखा है। जिन दुर्घटनाओं के मामले में वाहन अज्ञात होता था या फिर चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता था ऐसे मामलों में गिरोह के सदस्य वाहन और चालक उपलब्ध कराने का काम करते हैं।
इन सभी ने थाना फतेहगंज पश्चिमी, कैंट, शाही, इज्जतनगर, शीशगढ़, हाफिजगंज, मीरगंज, भोजीपुरा, भमोरा समेत अन्य अनेक मामले दर्ज कराए। जांच में सामने आया कि दुर्घटना कारित करने वाला वास्तविक वाहन और चालक नहीं हैं। आर्थिक लाभ लेने और फर्जी क्लेम प्राप्त करने के लिए आरोपियों ने दुर्घटना का आरोप अपने नाम लिया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के लोग बीमा क्लेम के साथ ही ''''प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना'''' के तहत भी कई घटनाओं को अंजाम दिए। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि गिरोह की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी करते हुए गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी।
एसटीएफ ने भी हाल ही में गिरोह पर कसा था शिकंजा
बता दें कि हाल ही में स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्जी बीमा क्लेम करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया था। टीम ने नैनीताल-बरेली हाईवे पर छापेमारी कर आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया था। ये आरोपी वृद्धों की फर्जी उम्र दर्शाकर बीमा कराते थे और मृत्यु के बाद बीमा कंपनी से लाखों का क्लेम वसूलते थे। इसमें राहुल गिहार निवासी भोजीपुरा, जगदीश, सुरेन्द्र गंगवार, बन्टी, नरेन्द्र, संदीप, बासिद, प्रभाकर त्रिपाठी की गिरफ्तारी हुई थी।
फर्जी बीमा क्लेम करने वाले पांच पहले भी हुए थे गिरफ्तार
कैंट पुलिस और एसओजी की टीम ने दस माह पहले ट्रक चोरी और फर्जी क्लेम करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से दो चोरी के ट्रक, फर्जी नंबर प्लेट और दस्तावेज बरामद हुए थे। आरोपियों को थाना आंवला और ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र से पकड़ा गया था। गिरफ्तार आरोपियों में शाकिर उर्फ भूरा मास्टर, आरिफ, सोहेल, सैफउद्दीन और ईशाक अली शामिल थे। पूछताछ में सामने आया था कि गैंग ट्रकों की फर्जी चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाकर फाइनेंस कंपनियों से क्लेम हासिल करता था। गैंग का हर सदस्य अलग-अलग काम करता था। कोई ट्रक चोरी करता था, तो कोई इंजन और चेसिस नंबर बदलता था। कुछ सदस्य झूठे मुकदमे लिखवाते थे और फर्जी नंबर प्लेट बनवाते थे।
