दोहरा हत्याकांड: डीजीएम सुधीर गुप्ता का जानी दुश्मन बन बैठा था अजय, जबरन प्लांट में जमाता था रौब 

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Edited By Amrit Vichar
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बदायूं, अमृत विचार। एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों की हत्या का आरोपी अजय सिंह खुद को अपराधी नेटवर्क का हिस्सा बताकर पहले से वहां खौफ फैलाता रहता था। पूर्व में वह प्लांट के अंदर लक्ष्य पावरटेक कंपनी का कांट्रेक्ट कर्मचारी रहा था और पराली का ठेका भी लेता था। कई तरह की गड़बड़ियां और उसकी दबंगई के चलते उसे बाहर कर दिया गया था। फर्म भी ब्लैकलिस्ट भी हो गई थी। तभी से वह डीजीएम सुधीर गुप्ता का जानी दुश्मन बन बैठा था।

प्लांट कर्मचारियों का कहना है कि दबंग अजय सिंह जबरन प्लांट में आता था।। कई बार वह डीजीएम गुप्ता को आतंकित चुका था। उनकी कार का पीछा करता था और अंजाम भुगतने की धमकी देता था। उसके खिलाफ 4 फरवरी को थाना मूसाझाग में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन दबाव में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। डरे-सहमे डीजीएम सुधीर गुप्ता ने वीआरएस लेना पड़ा था और 31 मार्च को उनका प्लांट में आखिरी दिन था। एचपीसीएल ने मुंबई से लोकेश को सुधीर गुप्ता की जगह चार्ज लेने प्लांट भेजा था।

जिस समय सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा की हत्या हुई, नए डीजीएम लोकेशन प्लांट के अंदर ही मौजूद थे। गोलीकांड से वह इतना घबरा गए कि पुलिस सुरक्षा में बदायूं से बरेली एयरपोर्ट जाकर मुंबई लौट गए हैं। जांच में लापरवाही सामने आने पर थाना मूसाझाग प्रभारी व हल्का इंचार्ज सस्पेंड किए जा चुके हैं। हत्याकांड का शिकार हुए डीजीएम सुधीर गुप्ता नोएडा के रहने वाले थे, जबकि एएम हर्षित मिश्रा का परिवार पीलीभीत के पूरनपुर कस्बे में निवास करता है। घटना का पता होते ही रोते-बिलखते बदायूं पहुंचे दोनों अफसरों के परिजनों ने पुलिस के साथ एचपीसीएल के सीजीएम राजीव सिंह की भूमिका संदिग्ध बताते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।

सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के मामले में पकड़े गए आरोपी अजय ने पूछताछ में आरोपी ने तमंचा जंगल में छिपाने की बात कही थी। हथियार बरामदगी को उसे मौके पर ले जाया गया था, जहां उसने जान से मारने की नीयत से पुलिस पर फायर किया। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। आरोपी के दोनों पैर में गोली लगी हैं। आरोपी और घायल सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

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