UP Police SI Recruitment: मथुरा, आगरा से राजस्थान तक फैला ठगी गिरोह का जाल... STF खंगाल रही गिरोह की कुंडली

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Published By Muskan Dixit
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परीक्षा के दौरान सबसे बड़ी गिरफ्तारी राजस्थान के सवाई माधौपुर से हुई

लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ द्वारा आयोजित एसआई व समकक्ष भर्ती परीक्षा में पेपर लीक कराने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों के पांच सदस्य दबोचे गए हैं। एसटीएफ की कार्रवाई में सामने आया कि गिरोह का नेटवर्क मथुरा, आगरा व राजस्थान में फैला है। सहारनपुर में दो सिपाही भी पकड़े गए हैं। एसटीएफ व साइबर क्राइम की टीम गिरोहों के सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि वायरल किए गए प्रश्नपत्र फर्जी थे और इनका उद्देश्य केवल ठगी करना था।

परीक्षा के पहले से ही एसटीएफ, साइबर थानों और यूपी पुलिस की टीमें जालसाजों पर नजर रखे थीं। टेलीग्राम एप, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्म की भी निगरानी की जा रही थी। इसी में जानकारी मिली की टेलीग्राम पर चैनल बनाकर अभ्यर्थियों को 20 हजार रुपये में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर ठगी की जा रही है। रुपये यूपीआई व क्यूआर कोड से लिए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से लखनऊ के हुसैनगंज थाने में सात एफआईआर दर्ज कराई गईं। इसके बाद एसटीएफ ने आगरा से मुख्य आरोपी बीबीए छात्र आयुष बघेल के अलावा राजस्थान के सवाई माधौपुर से सुमित मीना उर्फ लोडा, शाहिल ओर साजिद को गिरफ्तार कर लिया। तीनों सवाई माधौपुर के रहने वाले हैं। शनिवार देर रात मथुरा से अनुज कुमार को दबोच लिया गया। पुलिस के अनुसार एक मामले में करीब 1.19 लाख रुपये का लेन-देन सामने आया है। कुल मिलाकर आरोपी को लगभग तीन लाख रुपये मिल चुके हैं।

राजस्थान सीमावर्ती जिलों पर विशेष निगरानी

एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक तीनों गिरोह राजस्थान के सीमावर्ती जिलों से जुड़े हैं। आगरा और राजस्थान के गिरोह ने पेपर लीक कराने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की। मथुरा के राया थानाक्षेत्र में पकड़ा गया गिरोह नकल व नौकरी दिलाने के नाम पर 22 लाख रुपये सौदा करता था। सहारनपुर से दो सिपाही नकल करते दबोचे गए। एक सिपाही पीएसी तो दूसरा एक न्यायिक अधिकारी की सुरक्षा में तैनात है।

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