राष्ट्रपति मुर्मू का मथुरा दौरा : प्रशासन के लिए बंदर बने चुनौती, वन विभाग की टीम तैनात
मथुरा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के तीन दिवसीय मथुरा दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है। इस दौरान वृंदावन और गोवर्धन क्षेत्र में बड़ी संख्या में मौजूद बंदर प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं। बंदरों के उत्पात को देखते हुए वन विभाग ने विशेष तैयारी करते हुए 30 सदस्यीय टीम की तैनाती की है और कई स्थानों पर लंगूरों के कटआउट लगाए जा रहे हैं।
राष्ट्रपति अपने दौरे के दौरान वृंदावन और गोवर्धन में आठ स्थानों का दौरा करेंगी। वह तीन मंदिरों में दर्शन करेंगी और तीन संतों के आश्रमों में भी जाएंगी। इसके अलावा रामकृष्ण मिशन अस्पताल और वात्सल्य ग्राम का भी दौरा करेंगी। इन सभी स्थानों पर बंदरों से बचाव के लिए वन विभाग द्वारा विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं और वहां लंगूरों के कटआउट लगाए जाएंगे।
वृंदावन में बंदरों के उत्पात को देखते हुए यह व्यवस्था की जा रही है ताकि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान कोई अप्रिय स्थिति न बने। यहां के बंदर अक्सर लोगों के चश्मे, मोबाइल और पर्स झपट लेते हैं और कई बार सामान वापस लेने के लिए लोगों को उन्हें खाने-पीने की चीजें देनी पड़ती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने लंगूरों के कटआउट लगाने की योजना बनाई है।
वन विभाग के रेंजर अतुल तिवारी ने बताया कि वन्यजीव कानून के तहत लंगूरों को पकड़कर या बंधक बनाकर नहीं रखा जा सकता, इसलिए बंदरों को दूर रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर लंगूरों के कटआउट लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रशिक्षित कर्मियों की भी तैनाती की जा रही है और लगभग 30 से अधिक कटआउट लगाए जाएंगे।
बंदरों के अलावा सांप आदि से किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए स्नेक कैचर भी तैनात किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वृंदावन के साथ-साथ गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर भी बड़ी संख्या में बंदर मौजूद हैं। राष्ट्रपति गोल्फ कार्ट से गोवर्धन की लगभग 21 किलोमीटर की परिक्रमा करेंगी। इस दौरान बंदर आसपास न आएं, इसके लिए वहां भी लंगूरों के कटआउट लगाए जाएंगे और वन रक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
