Uttrakhand: सिलेंडर के लिए लगा डाली रेस, बाइक-स्कूटी से गैस ट्रक का किया पीछा
हल्द्वानी, अमृत विचार। कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने के बाद अब घरेलू गैस का संकट भी गहराता जा रहा है। गैस गोदामों और एजेंसियों से सीधे सिलेंडर की डिलीवरी बंद कर केवल होम डिलीवरी के आदेश दिए जाने के बावजूद आम लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि गैस सिलेंडर के लिए लोगों को 30 किलोमीटर दूर हैड़ाखान क्षेत्र से भी शहर का रुख करना पड़ रहा है।
सोमवार को शहर में गैस संकट का अजीबो-गरीब नजारा देखने को मिला। कई लोग अपनी स्कूटी और बाइक पर खाली सिलेंडर रखकर गैस से भरे ट्रक का पीछा करते नजर आए। दरअसल, सोमवार को इंडेन गैस कंपनी का एक ट्रक शीशमहल से दमुआढूंगा की ओर जा रहा था। जैसे ही लोगों को ट्रक की जानकारी मिली, वे खाली सिलेंडर लेकर दोपहिया वाहनों से उसके पीछे दौड़ पड़े। इस दौरान कई लोग ट्रक चालक को इशारा कर वाहन रोकने की मांग करते रहे। आखिरकार चालक ने पनचक्की चौराहे की ओर जाने वाली सड़क पर अंबिका विहार के पास ट्रक रोककर कुछ लोगों को गैस सिलेंडर वितरित किए, जिसके बाद वहां लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
इधर, बुकिंग कराने के बाद भी समय पर घरेलू गैस सिलेंडर नहीं मिलने से अधिकांश उपभोक्ता परेशान हैं। लोग अभी भी सिलेंडर लेकर गैस गोदामों और एजेंसियों तक पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां से उन्हें यह कहकर लौटा दिया जा रहा है कि सिलेंडर की आपूर्ति केवल होम डिलीवरी के माध्यम से होगी। हालांकि होम डिलीवरी के आदेश के बावजूद कई इलाकों से शिकायतें सामने आ रही हैं कि एजेंसी की गाड़ियां पहुंचने के बाद भी लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं।
कमर्शियल गैस की आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से होटल-
रेस्टोरेंट कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अधिकांश रेस्टोरेंट ने अपना काम आधा कर दिया है और वे पूरी तरह विकल्पों पर निर्भर हो गए हैं। रेस्टोरेंट और होटल में डिशेज तैयार करने के लिए तंदूर, कोयला और इंडक्शन चूल्हा जलाया जा रहा है। कई रेस्टोरेंट और मिठाई के कारोबारियों ने अपने आधे से अधिक स्टाफ को छुट्टी दे दी है। देवलचौड़ स्थित लकी स्वीट्स के संचालक लक्ष्मण पोखरिया ने बताया कि गैस खत्म होने के बाद कोयले की भट्टी जला रहे हैं। उन्होंने बताया कि अधिक गैस खपत वाली बनाना बंद कर दिया है। इन विकल्पों से काम चलाना मुश्किल हो रहा है और खर्च भी बढ़ रहा है। घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी उपभोक्ता परेशान हैं।
