हाईकोर्ट में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ 883 पेज का लिखित जवाब दाखिल, जानिए क्या बोले आशुतोष ब्रह्मचारी
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट में आशुतोष ब्रह्मचारी मंगलवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत अर्जी पर अदालत के आदेश के अनुपालन में अपना लिखित जवाब दाखिल किया। आशुतोष ब्रह्मचारी 883 पेज का लिखित जवाब लेकर हाईकोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि इसमें नाबालिग बटुकों के साथ कथित कुकर्म और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य होने के संबंध में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा दाखिल हलफनामे से जुड़े तथ्यों के संबंध में भी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं।
गौरतलब है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने 27 फरवरी को आदेश जारी कर अंतिम आदेश आने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। साथ ही सभी पक्षकारों को 12 मार्च तक अपना रिटर्न सबमिशन दाखिल करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि 12 मार्च को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल नहीं कर सके थे।
उन्होंने बताया कि उन्होंने ईमेल के माध्यम से अदालत को सूचित किया था कि सुरक्षा कारणों से वह उस दिन कोर्ट में उपस्थित नहीं हो पाएंगे। अब उन्होंने अदालत में अपना जवाब दाखिल करते हुए देरी के लिए माफी याचिका भी प्रस्तुत की है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ उनके पास ठोस साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें वह अदालत में प्रस्तुत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन साक्ष्यों के आधार पर वह हाईकोर्ट में उनकी नियमित जमानत अर्जी का विरोध करेंगे और नाबालिग बटुकों के यौन शोषण के मामले में ट्रायल कोर्ट से सजा दिलाने का प्रयास करेंगे। इसी बीच जिला अदालत में चल रहे एक अन्य मामले में वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण मंगलवार को आशुतोष ब्रह्मचारी का बयान दर्ज नहीं हो सका।
उन्हें 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या के दिन सेक्टर चार त्रिवेणी मार्ग पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्याय यात्रा के दौरान हुए हमले के मामले में अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम की अदालत में बयान दर्ज कराना था। वकीलों की हड़ताल के कारण अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 2 मई निर्धारित की है। अब इस मामले में वादी आशुतोष ब्रह्मचारी का बयान 2 मई को दर्ज किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने अपने ऊपर हुए हमले के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों पर मारपीट का आरोप लगाया था, जिसमें वह घायल भी हो गए थे।
