लखनऊ : झूठी शान का बदला लेने के लिए की थी दामाद की हत्या, बेटी व नवासी भी थी निशाने पर

Amrit Vichar Network
Published By Virendra Pandey
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लखनऊ, अमृत विचार : आशियाना सेक्टर-आई में दामाद विष्णु यादव (31) की हत्या में पुलिस ने अधिवक्ता ससुर, सास व चार सालियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच में सामने आया कि बेटी साक्षी के प्रेम विवाह से परिजन नाराज थे। चार साल से विष्णु को सबक सिखाने की साजिश रच रहे थे। इसी के तहत उसे करीब दो साल पहले नाबालिग साली को अगवा करने व पॉक्सो एक्ट में जेल भी भिजवाया था।

इसके बाद भी वे उससे बदला लेने की पटकथा तैयार कर रहे थे। साजिश के तहत आरोपियों ने 17 मार्च को गिले-शिकवे खत्म करने के बहाने बेटी व दामाद को बुलाया था। उसके बाद सभी ने मिलकर लकड़ी के पावे से पीटकर हत्या कर दी। आरोपी हाथ-पैर बांधकर वारदात की चश्मदीद बेटी साक्षी और डेढ़ साल की बेटी को भी मौत के घाट उतारने वाले थे, लेकिन इससे पहले पुलिस पहुंच गयी थी। पुलिस वारदात में शामिल चचिया ससुर की तलाश में दबिशें दे रही है।

एसीपी कैंट अभय प्रताप मल्ल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में तीर्थ राज सिंह, उनकी पत्नी सरोज देवी, बेटी राधा सिंह, रत्ना सिंह, ज्योति सिंह और विधि सिंह हैं। उन्होंने बताया कि 17 मार्च की रात सेक्टर-आई स्थित मकान में हत्या की सूचना डायल-112 पर मिली। मौके पर पहुंची पुलिस को घर के अंदर खून से लथपथ विष्णु यादव निवासी ग्राम पीथापुर सांगीपुर प्रतापगढ़ का शव मिला। आसपास खून बिखरा था। सिर और शरीर पर गहरे चोट के निशान थे।

पुलिस कमरे में पहुंची तो मृतक की पत्नी साक्षी सिंह मिली। उसके हाथ-पैर व मुंह बंधे थे और चोट के निशान थे। पुलिस ने उसे बंधनमुक्त कराया। जिसके बाद चश्मदी साक्षी ने बताया कि चार वर्ष पूर्व उसने विष्णु से प्रेम विवाह किया था, जिससे उसका परिवार नाराज रहता था। ससुराल वालों ने मिलने के बहाने से बुलाया था। वे पहुंचे तो घरवालों ने मारना शुरु कर दिया। साक्षी के हाथ-पैर व मुंह बांधकर कमरे में बंद कर दिया। उसके बाद पिता तीर्थराज सिंह, मां सरोज, चाचा यज्ञनारायण उर्फ नन्हे और बहनों राधा, रत्ना, ज्योति व विधि ने मिलकर विष्णु की लकड़ी के पावे से मार-मार हत्या कर दी थी। इंस्पेक्टर छत्रपाल सिंह ने बताया कि हत्या के बाद सभी आरोपियों ने कपड़े बदल लिए थे, ताकि खून के निशान छिपा सकें। पुलिस ने मृतक के पिता छेदी यादव की तहरीर पर बहू के माता, पिता, चार बहनों और चाचा के खिलाफ हत्या, मारपीट, गाली-गलौज व धमकी की रिपोर्ट दर्ज की थी।

फांसी की सजा दिलवा कर रहूंगी
पति विष्णु का शव देखकर पत्नी साक्षी बार-बार यही कह रही थी कि अब बहुत हो गया। किसी को नहीं छोडूंगी। हत्या करने के लिए बुलाया था। उसने पुलिस को बताया कि पति को बचाने का काफी प्रयास किया। आरोपियों ने उसे भी काफी पीटा। वह कह रही थी कि पिता तीर्थराज और चाचा नन्हें को तो फांसी की सजा दिलवाऊंगी। अपने पति की हत्या का केस खुद ही लडूंगी।

गिले-शिकवे दूर करने के बहाने परिवार संग था बुलाया
पिता छेदीलाल ने साजिश के तहत कॉल कर विष्णु यादव, साक्षी और डेढ़ साल बेटी को मिलने के लिए बुलाया था। तीनों लोग 17 मार्च को आशियाना के सेक्टर आई स्थित तीर्थराज के घर पहुंचे थे। रात करीब साढ़े आठ बजे विष्णु ने अपने भाई से बात कर ससुराल जाने की जानकारी दी थी। इसके कुछ घंटों बाद उसकी हत्या कर दी गई। यही नहीं ससुराल पक्ष ने पहले भी नाबालिग साली को अगवा, एससी-एसटी और पाक्सो एक्ट में एक साल जेल की हवा खिलायी थी।

ये सामान हुआ बरामद
पुलिस ने खून से लथपथ बाल लगे लकड़ी का पावा, दो टूटे हुए खून लगे पावे, खून साफ करने में इस्तेमाल रूई, चूड़ी के टुकड़े, दुपट्टा, कपड़ा, खून लगी शर्ट, पायल, मृतक की जेब से चाभी का गुच्छा, 170 रुपये, टूटा हुआ मोबाइल और पोटली से खून लगी शर्ट, पैंट बरामद हुई है।

आपसी विवाद की बात कह घुमाता रहा तीर्थराज
इंस्पेक्टर ने बताया कि अधिवक्ता तीर्थराज ने शुरुआत में घटना को आपसी विवाद बताकर गुमराह करने की कोशिश की और घर में घुसने से रोकता रहा। संदेह होने पर पुलिस ने जबरन गेट खोलकर प्रवेश किया। अंदर पोर्च में कार की आड़ में कवर से ढका विष्णु का शव मिला, जिसे ठिकाने लगाने की तैयारी थी।

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