बड़ी कर चोरी: विशेष अनुसंधान शाखा ने पकड़ी 900 पेटी, सुगन्धित चावल की जगह भेजी जा रही थी अवैध शराब 

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : सुगन्धित चावल के लिए जारी किए गए बिल एवं ई-वे बिल की आड़ में भेजी जा रही पंजाब निर्मित भारी मात्रा में अवैध शराब राज्य कर विभाग, लखनऊ जोन प्रथम ने पकड़ी। 900 पेटी महंगी शराब बरामद की गई। इस अवैध शराब पर बड़ी कर चोरी मिली है।

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विशेष अनुसंधान शाखा के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 मनोज कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर राज्य कर विभाग लखनऊ जोन प्रथम की टीम जांच कर रही थी। ग्रेड-2 की टीम ने सचल दल पंचम इकाई के असिस्टेंट कमिश्नर श्यामवीर सिंह ने बीती 18 मार्च की देर रात वाहन संख्या आरजे07जीसी4625 को रोका। 

प्रपत्रों की जांच में सुगन्धित चावल (एक्साटिक राइस) का परिवहन, पुणे की फर्म द्वारा पंजाब से लोड कर उड़ीसा भेजा जाना दिखाया गया है। चूंकि उड़ीसा में भी चावल का अच्छा उत्पादन होता है तथा पंजाब राज्य से उड़ीसा राज्य के चावल के परिवहन पर अधिकारी को संदेह हुआ।

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अधिकारी द्वारा रात्रि में ही ट्रक का तिरपाल हटवाकर देखा गया तो गाड़ी में भूसी के पैकेट लदे दिखे। इससे शंका और मजबूत हो गई। अधिकारियों ने उपरोक्त भूसी के दो लेयर पैकेट हटाकर जांच की तो अवैध शराब को भेजे जाने के तरीके पर दंग रह गए। वाहन में बड़ी संख्या में नामचीन ब्रांड की महंगी शराब की बोतलें मौजूद थीं।

वाहन को मीराबाई मार्ग स्थित जीएसटी कार्यालय लाया गया। भौतिक सत्यापन करने पर शराब की 750 एमएल और 250एमएल की बोतलों से भरी लगभग 900 पेटी शराब बरामद की गई। इन शराब की पेटियों में रायल चैलेंज, मैक डावल, तथा इम्पीरियल ब्लू ब्राण्ड की शराब से सम्बन्धित बोतलें बिक्री के लिए ले जाई जा रही थीं। एडीशनल कमिश्नर मनोज कुमार विश्वकर्मा के मुताबिक इसमें शराब निर्माता फर्म का नाम यूनाईटेट स्प्रिट एसएएस नगर मोहाली चण्डीगढ़ पंजाब दर्ज पाया गया। बोतलों पर साफ लिखा है कि यह शराब केवल पंजाब राज्य में बिक्री के लिए अधिकृत हैं।

उन्होंने बताया कि ऐसे में किसी भी दूसरे राज्य को यह शराब बिक्री के लिए नहीं भेजी जा सकती है। चूंकि शराब नॉन-जीएसटी गुड्स है, जिस पर जीएसटी के स्थान पर वैट कर आरोपित होता है। आयातित शराब पर कर की दर/वैट 32.5 प्रतिशत है। इस प्रकार आयातित शराब के मूल्य पर 32.5 प्रतिशत वैट कर की देयता है। राज्य कर अधिकारियों द्वारा जिला आबकारी अधिकारी लखनऊ को भी इस संबंध में सूचना दे दी गई है।

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