‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ से डेयरी सेक्टर में नई क्रांतिः ऋण-अनुदान प्रक्रिया में तेजी, तीन वर्ष में 204 डेयरी का लक्ष्य
किसानों की आय बढ़ाने व आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
लखनऊ, अमृत विचार: योगी सरकार की ‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ प्रदेश में डेयरी सेक्टर को नई दिशा दे रही है। किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाई जा रही इस योजना के तहत तीन वर्षों में 204 डेयरी इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य तय किया गया है।
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बैंक ऋण स्वीकृति और अनुदान वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 50 इकाइयों के लक्ष्य के सापेक्ष अधिकांश मामलों में ऋण स्वीकृति और अनुदान प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वहीं 2024-25 में 40 इकाइयों के लक्ष्य के तहत कई जिलों में ऋण स्वीकृति और अनुदान वितरण तेजी से जारी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना का विस्तार करते हुए 57 जनपदों में 114 इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।
जौनपुर, ललितपुर, जालौन, संभल, देवरिया और रामपुर समेत कई जिलों में ऋण स्वीकृति शत-प्रतिशत पूरी हो चुकी है, जबकि प्रथम किश्त के अनुदान वितरण की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कर लाभार्थियों तक समय पर सहायता पहुंचाई जाए। यह योजना न केवल डेयरी नेटवर्क को मजबूत कर रही है, बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय का स्थायी स्रोत भी उपलब्ध करा रही है। इससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ने के साथ ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
