जलालाबाद: थाने पहुंची दुष्कर्म पीड़िता से दरोगा ने किया रेप, पुलिस बना रही समझौते का दबाव
जलालाबाद, अमृत विचार। अपने साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत करने थाने गई पीड़िता को थाने में तैनात दरोगा की हवस का शिकार होना पड़ा। उच्चाधिकारियों से शिकायत करने दरोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश हुए मगर आरोपित दरोगा के विभागीय अधिकारी व सहकर्मी पीड़िता को ही धमका कर राजीनामा करने का दवाब …
जलालाबाद, अमृत विचार। अपने साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत करने थाने गई पीड़िता को थाने में तैनात दरोगा की हवस का शिकार होना पड़ा। उच्चाधिकारियों से शिकायत करने दरोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश हुए मगर आरोपित दरोगा के विभागीय अधिकारी व सहकर्मी पीड़िता को ही धमका कर राजीनामा करने का दवाब बना रहे हैं। ये आरोप पीड़िता ने लगाए हैं।
मामला जलालाबाद थानाक्षेत्र का है यहां की निवासी एक विधवा महिला ने एडीजी बरेली अविनाश चंद्र को 5 दिसम्बर को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह 30 नवंबर को किसी काम से मदनापुर गई थी ई-रिक्शा से वापस आते समय उसके ई-रिक्शा की बैटरी डाउन हो गई तो रिक्शा चालक ने उसे रास्ते मे ही उतार दिया। कुछ देर बाद गाड़ी से आये पांच युवकों ने उसे बुरी नीयत से दबोच लिया और बारी बारी से पास ही खेत में दुष्कर्म किया। जब पीड़िता कोतवाली पहुंची तो यहां एक दरोगा ने न्याय दिलाने का आश्वासन देते हुए उसे अपने कमरे पर ले गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि कमरे पर दरोगा ने महिला के साथ बलपूर्वक दुष्कर्म किया और भगा दिया।
पीड़िता ने मामले की शिकायत 5 दिसंबर को बरेली जाकर एडीजी बरेली मंडल अविनाश चंद्र से की तो एडीजी ने एसएचओ महिला थाना शाहजहांपुर को मामले पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिया। चूंकि मामला पुलिस विभाग के ही दरोगा से जुड़ा था तो एफआईआर दर्ज करने की जगह शाहजहांपुर पुलिस भी राजीनामा में लग गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे कोतवाली से ही आरोपित दरोगा के पक्ष में अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा राजीनामा करने के लिए लगातार धमकाया जा रहा है। पीड़िता पुलिस के भय से खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
