प्रयागराज 'कोल्ड स्टोरेज' मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन: मालिक और सपा पूर्व विधायक अरेस्ट, 20 घंटे बाद भी जारी रेस्क्यू  

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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प्रयागराज। प्रयागराज के गंगानगर जोन अंतर्गत फाफामऊ थाना क्षेत्र के चंदापुर गांव में हुए सोमवार को हुये कोल्ड स्टोरेज हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है, जबकि 14 घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हादसे के लगभग 20 घंटे बाद भी राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।  कोल्ड स्टोरेज' मामले में चार श्रमिकों की मौत के मामले में पुलिस ने 'कोल्ड स्टोरेज' के मालिक एवं समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक अंसार अहमद को मंगलवार को हिरासत में लिया है।

अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस उपायुक्त (गंगा नगर) कुलदीप गुनावत ने बताया कि इस मामले में सोमवार देर रात सात नामजद और चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने कहा, ''कोल्ड स्टोरेज के मालिक अंसार अहमद को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।'' 

जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने इस प्रकरण की जांच एडीएम (वित्त एवं राजस्व) विनिता सिंह को सौंपी है। विनिता सिंह ने बताया कि इस घटना की प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट दो दिन में सौंपी जानी है, जबकि विस्तृत जांच की रिपोर्ट सात दिनों में दी जाएगी। पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार के मुताबिक फाफामऊ थाना क्षेत्र के चंदापुर गांव में एक 'कोल्ड स्टोरेज' का एक हिस्सा ढह सोमवार दोपहर को गया। उन्होंने बताया कि घटना में चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि 14 श्रमिक घायल हैं जिनका इलाज एसआरएन अस्पताल में किया जा रहा है।''

कुमार ने कहा, "हम इस बात की पूरी जांच करेंगे कि इस कोल्ड स्टोरेज के लाइसेंस का कब नवीनीकरण हुआ था और खंडहर जैसे भवन वाले इस कोल्ड स्टोरेज को कैसे लाइसेंस दिया गया। इस घटना के लिए जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" कोल्ड स्टोरेज ढहने और वहां बने टैंक से अमोनिया गैस का रिसाव होने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी। 

रेस्क्यू ऑपरेशन में  तीन टीमें लगी 

रेस्क्यू ऑपरेशन में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की एक टीम और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की तीन टीमें लगी हुई हैं। इसके अलावा फायर ब्रिगेड और कई थानों की पुलिस भी राहत कार्य में जुटी है। मलबा हटाने के लिए दो पोकलेन और आधा दर्जन से अधिक जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। 

अमोनिया गैस का रिसाव बंद 

मौके पर अमोनिया गैस का रिसाव अब बंद हो चुका है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही कठिनाइयों में कमी आई है। एहतियातन फायर ब्रिगेड द्वारा मलबे पर लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मलबे में अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिसके चलते बेहद सावधानी के साथ बचाव कार्य किया जा रहा है। इस हादसे में किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है। 

कोल्ड स्टोरेज में रखे हजारों टन आलू नष्ट हो गए हैं और मलबे के साथ उन्हें हटाया जा रहा है। इससे क्षेत्र के किसानों पर आर्थिक असर पड़ने की संभावना है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। जिलाधिकारी द्वारा जांच समिति गठित की गई है और एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

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