LDA शुरू करेगा ओटीएस याेजना: 18 अप्रैल से करें आवेदन, बकायेदारों की सूची तैयार करने के निर्देश

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

लखनऊ, अमृत विचार : लखनऊ विकास प्राधिकरण 18 अप्रैल से एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शुरू करेगा। इसका लाभ लेने के लिए सभी बकायेदारों को सूचित किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य दे दिया गया है। बकायेदारों की सहायता के लिए कार्यालय में हेल्प डेस्क भी बनेगी। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बुधवार को बैठक लेकर अधिकारियों को बकायेदारों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। 

सभी बकायेदारों तक एकमुश्त समाधान योजना की जानकारी पहुंचने का लक्ष्य भी दिया गया। कहा कि, काॅल सेंटर, आईटी सेल के माध्यम से बकायेदारों को फोन, मैसेज व ई-मेल से सूचना भेजी जाए। किसी कारण फोन पर संपर्क न हो पाए तो पत्र भेजकर सूचना पहुंचाई जाए।

प्राधिकरण भवन के भूतल पर बने सिंगल विन्डो काउंटर पर विशेष हेल्प डेस्क भी बनाएं। ऑपरेटरों की तैनाती की जाए, जो आने वाले सभी आवंटियों को पूरी जानकारी देने के साथ ही ऑनलाइन आवेदन की कार्रवाई भी कराएं।

दंड ब्याज से मिलेगी छूट

उपाध्यक्ष ने बताया कि यह योजना प्राधिकरण की सभी प्रकार की आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों, समस्त प्रकार की सरकारी संस्थाओं को आवंटित संपत्तियों एवं स्कूल भूखंडाें, चैरिटेबल संस्थाओं, नीलामी अथवा अन्य पद्धति से आवंटित संपत्तियों तथा सहकारी आवास समितियों को आवंटित संपत्तियों के लिए खोली गई है। जिन आवंटियों पर समय से किश्तें जमा न करने की सूरत में दंड ब्याज रोपित हो गया है, वह सभी एकमुश्त समाधान योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसमें दंड ब्याज से छूट मिलेगी और लोग बकाया धनराशि जमा करके अपनी संपत्ति के मालिक बन सकेंगे।

मानचित्र के बकायेदारों को भी लाभ

इस बार ओटीएस के अंतर्गत मानचित्र एवं शमन मानचित्रों के बकायेदार आवेदकों को भी राहत मिलेगी। जिन लोगों ने मानचित्र के देय शुल्कों की किश्तें समय पर जमा नहीं की हैं, उन्हें भी दंड ब्याज से छूट के प्रावधान का लाभ मिलेगा।

तीन माह के अंदर निस्तारण और मिलेगी छूट

आवेदन जमा करने की तिथि से तीन माह के अंदर निस्तारण किया जाएगा। डिफाल्ट अवधि के लिए दंड ब्याज से पूरी राहत मिलेगी। उनसे केवल साधारण ब्याज लिया जाएगा, जिसकी गणना सॉफ्टवेयर से होगी। पूरी राशि 30 दिन में जमा करने पर दो प्रतिशत की छूट मिलेगी।रकम 50 लाख रुपये से अधिक होने पर एक तिहाई भुगतान 30 दिन में और बाकी तीन द्विमासिक किस्त में छह माह में देना होगा। समय से पैसा न देने पर अतिरिक्त दंड ब्याज के साथ एक माह में जमा करने का मौका मिलेगा।

 

 

संबंधित समाचार