रामजी ने बुलाया तो चला आया... रामलला की शरण में पहुंचे दिग्विजय सिंह, कहा- कभी नहीं किया राम मंदिर का विरोध
अयोध्या। कांग्रेस के वारिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह गुरुवार को अयोध्या पहुंच कर राम मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैंने मंदिर निर्माण का कभी विरोध नहीं किया, बल्कि इसके विपरीत मंदिर ट्रस्ट को दान दिया था। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह गुरुवार को अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचे और वहां पत्रकारों से बात की।
उन्होंने कहा, "राम नवमी के शुभ अवसर पर, मैं सभी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। भगवान राम का आशीर्वाद सभी पर बना रहे।" राहुल गांधी के अयोध्या दौरे से जुड़े सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा, "उनसे (राहुल गांधी से) इसके बारे में पूछिए, उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है।" इसके बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या के हनुमान गढ़ी और राम मंदिर में दर्शन किए।
बुलावा आया तो दर्शन के लिए चले आए
इससे पहले मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अयोध्या तब आता है जब भगवान उसे बुलाते हैं। उनको जब रामजी की बुलावा मिला तो वह यहां चले आए। उन्होंने कहा कि भगवान राम के दर्शन करने आएं और हनुमान जी के दर्शन न हों ये तो असंभव है।
हालांकि, दिग्विजय सिंह के अयोध्या दौरे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। भाजपा ने उनकी आलोचना करते हुए कहा कि राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए कांग्रेस नेतृत्व को पहले भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन उन्होंने उसमें शामिल न होने का फैसला किया था।
भोपाल से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, "मैं उनसे अनुरोध करूंगा कि राम मंदिर की अपनी यात्रा के दौरान, वे कृपया उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें, जिन्होंने 1992 में गोलियां खाई थीं।" उन्होंने आगे कहा कि अगर देश के राजनीतिक नेतृत्व ने इस सच्चाई को पहले ही समझ लिया होता, तो अयोध्या में राम मंदिर कई साल पहले ही बन गया होता।
