रामगोपाल यादव ने वन मंत्री से की इटावा में अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग, लगाया यह आरोप
इटावा। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य प्रो. रामगोपाल यादव ने उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में अवैध मिट्टी खनन का मुद्दा राज्यसभा में उठाते हुए केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। प्रो. यादव ने गुरुवार को उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि इटावा शहर से चंबल नदी की ओर जाने वाले मार्ग के दोनों ओर स्थित पहाड़ियों और हरित क्षेत्र को खनन माफियाओं द्वारा बड़े पैमाने पर नष्ट किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों एकड़ भूमि पर अवैध खनन कर प्लॉटिंग की जा रही है, जबकि यह भूमि वन विभाग की है। उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों से क्षेत्र का पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कभी हरा-भरा रहने वाला इलाका अब उजाड़ होता जा रहा है।
उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। प्रो. यादव ने यह भी आरोप लगाया कि अवैध खनन में विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की संलिप्तता है और स्थानीय स्तर पर प्रभाव के चलते कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
उन्होंने बताया कि यह मुद्दा पहले भी संसद में उठाया जा चुका है। इससे पहले इटावा के सांसद जितेंद्र दोहरे ने लोकसभा में अवैध खनन का मामला उठाया था। उधर, जिला प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन रोकने के लिए टास्क फोर्स गठित की गई है, जो लगातार कार्रवाई कर रही है।
खनन विभाग के अनुसार अब तक करीब तीन करोड़ रुपये का राजस्व वसूला गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रात में खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश हैं और टास्क फोर्स को छापेमारी के लिए सक्रिय किया गया है। इसमें खनन, राजस्व, परिवहन (आरटीओ) और अन्य संबंधित विभागों की टीमें शामिल हैं।
