लखनऊ : इंडक्शन चूल्हों के उपयोग से बढ़ी बिजली की मांग, जानिए क्या बोले उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश में बिजली की मांग में अचानक आई तेज वृद्धि पर चिंता जताते हुए पावर कॉरपोरेशन से तत्काल तैयारी करने की मांग की है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा कि मार्च माह में पीक डिमांड में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव देखा गया है।

10 मार्च को अधिकतम मांग 21,675 मेगावाट रही, जो 21 मार्च को घटकर 18,031 मेगावाट हो गई। इसके बाद 24 मार्च को यह 19,432 मेगावाट और 26 मार्च को अचानक बढ़कर करीब 21,450 मेगावाट पहुंच गई। इस तरह तीन दिनों के भीतर लगभग 3000 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होने कहा कि यह वृद्धि केवल मौसमीय कारणों से नहीं है, बल्कि नए विद्युत उपभोग स्रोत तेजी से जुड़ने का संकेत है।

परिषद ने विशेष रूप से बाजार में बढ़ती इंडक्शन चूल्हों की बिक्री और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के उपयोग को इसके प्रमुख कारणों में शामिल बताया है। परिषद के अध्यक्ष एवं सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन को इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उत्पादन, खरीद और वितरण व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए। 

उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में तापमान बढ़ने के साथ एयर कंडीशनर का उपयोग बढ़ेगा, जिससे बिजली की मांग और बढ़ सकती है। परिषद ने मांग की है कि बिजली मांग में वृद्धि के कारणों का विस्तृत अध्ययन कराया जाए, इंडक्शन उपकरणों और ईवी चार्जिंग के प्रभाव का अलग से आकलन किया जाए तथा आगामी महीनों के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। परिषद ने आगाह किया कि समय रहते तैयारी नहीं की गई तो गर्मी के चरम पर प्रदेश को बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है।  

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