Bareilly : दहशत के 120 मिनट...मारे बम के निकला दम ! सायरन की गूंज से सहम गए आवेदक 

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में शुक्रवार को रोज की तरह चहल-पहल थी। कोई अपने विदेश जाने के सपने को पूरा करने के लिए दस्तावेजों की जांच करा रहा था, तो कोई खिड़की पर टोकन का इंतजार कर रहा था। कार्यालय में भी सामान्य दिनों की तरह कामकाज सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन पूर्वाह्न 11:15 बजे एक ''क्लिक'' ने इस सामान्य दिनचर्या को दहशत में बदल दिया। 

जैसे ही बम की धमकी वाला मेल पढ़ा गया, अधिकारियों के चेहरों की हवाइयां उड़ गईं। सूचना जब पुलिस को दी तो कुछ ही देर में सीओ प्रथम आशुतोष शिवम के नेतृत्व में पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाती हुई परिसर में दाखिल हुईं। पूरे परिसर को खाली कराकर जांच की गयी। कोने-कोने की जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अचानक पुलिसिया कार्रवाई और बिल्डिंग खाली करने के आदेश से वहां मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। कर्मचारियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला, जो जिस हाल में था, वह अपना डेस्क और फाइलें छोड़कर बाहर की ओर भागा। पासपोर्ट बनवाने आए कई आवेदकों को लगा कि शायद सच में कोई बड़ा हादसा होने वाला है। 

वेटिंग एरिया में अपनी बारी का इंतजार कर रहे बुजुर्ग, महिलाएं और युवा भी गेट की तरफ दौड़े। परिसर से बाहर निकलने की होड़ में कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। कई लोग घबराकर दूर सड़क पर जा खड़े हुए, तो कुछ ने अपनों को फोन कर अपनी सलामती की सूचना देना शुरू कर दिया। देखते ही देखते जो परिसर भीड़ से गुलजार था, वहां सन्नाटा पसर गया और बाहर सड़क पर लोगों का हुजूम जमा हो गया। पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाते हुए आसपास की दुकानों को भी बंद करा दिया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।

चप्पे-चप्पे की खाक छानती दिखीं टीमें
जैसे ही डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने मोर्चा संभाला, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। जांच टीम ने संयुक्त अभियान के तहत कार्यालय के हॉल, संकरे गलियारों, वाशरूम, पार्किंग और वेटिंग एरिया की बारीकी से तलाशी ली। पुलिसकर्मी एक-एक संदिग्ध बैग और वाहनों को चेक कर रहे थे।

ठप रहा कामकाज, दहशत में रहा दफ्तर
हाईवोल्टेज ड्रामे के कारण करीब दो से तीन घंटे तक पासपोर्ट संबंधी कामकाज ठप रहा। दूर-दराज के जिलों से आए आवेदक, जो घंटों से लाइन में लगे थे, वह अपनी बारी भूलकर अपनी जान बचाने की चिंता में दिखे। लोग अपने जरूरी दस्तावेज और कीमती सामान छोड़कर बदहवास होकर बाहर की ओर दौड़े। सड़क पर खड़े होकर कोई अपने सहकर्मियों को ढूंढ रहा था, तो कोई फोन पर परिजनों को अपनी सलामती की सूचना दे रहा था। इस खौफनाक मंजर के बीच कई लोग हाथ जोड़कर ईश्वर से अपनों की सलामती की दुआ मांगते नजर आए। करीब दो घंटे तक जब तक पुलिस ने परिसर को सुरक्षित घोषित नहीं किया, तब तक हर चेहरे पर मौत का साया और गहरी चिंता साफ दिखाई दे रही थी। अफसरों का कहना है कि धमकी भरे ईमेल ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि सरकारी कार्य में भी भारी व्यवधान डाला। दोपहर बाद जब बम निरोधक दस्ते ने परिसर को ''''सुरक्षित'''' घोषित किया और तब सबकी जान में जान आई।
न्यू पासपोर्ट ऑफिस की भी हुई घेराबंदी

प्रियदर्शनी नगर के साथ-साथ पीलीभीत बाईपास स्थित न्यू पासपोर्ट कार्यालय में भी शुक्रवार को भारी अफरा-तफरी का माहौल रहा। बम की सूचना मिलते ही बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय, एलआईयू और बम निरोधक दस्ते की टीम ने पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी। दूसरे जिलों से पासपोर्ट बनवाने आए बड़ी संख्या में आवेदक उस वक्त दंग रह गए, जब पुलिस ने अचानक सबको अंदर जाने से रोक दिया। सुरक्षा के मद्देनजर टीम ने बिल्डिंग के कोने-कोने को बारीकी से खंगाला गया मगर मिला कुछ नहीं।

 

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