Moradabad: पूर्व डीआईजी पर हमले के 16 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा, जुर्माना भी लगाया गया

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। पूर्व डीआईजी अशोक कुमार पर हमले के मामले में अदालत ने सभी 16 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इससे पहले 24 मार्च को कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार दिया था। इस दौरान न्यायालय परिसर छावनी में तब्दील रहा।

दरअसल असालतनगर बघा में 15 साल पहले पूर्व हुए बहुचर्चित पुलिस हमले के मामले में एडीजे-2 न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया था। अपर सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार की अदालत ने 16 आरोपियों को दोषी करार दिया था। सभी दोषियों को 27 मार्च को सजा का ऐलान किया जाना था। मगर नवरात्र की छुट्टी के कारण शुक्रवार को सजा का ऐलान नहीं हो सका। लिहाजा शुक्रवार को दोषियों की सजा का ऐलान किया गया। जानलेवा हमला, दंगा, लूटपाट के सभी 16 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ अर्थदंड भी लगाया गया। एडीजे-2 कोर्ट के न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने सजा सुनाई। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर में रैपिड एक्शन फोर्स और श्वान दस्ता भी मौजूद रहा।

15 साल पहले घटी थी वारदात
घटना छह जुलाई 2011 की है। पुलिस टीम एक युवती से छेड़खानी के आरोपी को गिरफ्तार करने गांव पहुंची थी। इस दौरान पुलिस पर कुरान की बेहुरमती का आरोप लगाकर भीड़ ने बवाल कर दिया। लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया, जिसमें तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार समेत करीब 18 लोग घायल हो गए थे। डीआईजी किसी तरह जान बचाकर पेट्रोल पंप की कोठरी में छिप गए थे। कोठरी को तोड़ने का भीड़ ने प्रयास किया था और दरवाजे पर गोलियां भी बरसाई थीं। पुलिस फोर्स उन्हें वहां से निकालकर लाई और अस्पताल में भर्ती कराया।

हमलावरों ने लूटी थी डीआईजी की पिस्टल
हमलावरों ने डीआईजी को मृत समझकर उनकी पिस्टल तक लूट ली और मौके से फरार हो गए थे। गंभीर रूप से घायल डीआईजी का लंबे समय तक उपचार चला। इस मामले में डीआईजी के पीआरओ की तहरीर पर पुलिस ने 33 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के बाद 19 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई। इनमें से दो आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि एक आरोपी नाबालिग पाए जाने पर उसकी फाइल अलग कर दी गई। 

संबंधित समाचार