पीएम मोदी ने मन की बात के एपिसोड 132 में देशवासियों से किया आह्वान: पड़ोस में युद्ध और पेट्रोल-डीजल संकट, अफवाहों से बचें

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में देशवासियों से संवाद किया। यह वर्ष 2026 का तीसरा प्रसारण है। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध पर चिंता जताते हुए कहा, “हमारे पड़ोस में भीषण युद्ध चल रहा है।” उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में लाखों भारतीय काम कर रहे हैं और खाड़ी देशों ने एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को हर संभव मदद प्रदान की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस समय पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण पूरी दुनिया में ईंधन का संकट पैदा हो गया है। इसलिए देशवासियों से आग्रह है कि वे संकट के इस दौर में एकजुट हों, स्वार्थी राजनीति न करें और किसी तरह की अफवाह न फैलाएं। पीएम मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ''मन की बात'' की 132वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया के कारण उत्पन्न संकट से पूरी दुनिया की तरह भारत भी अछूता नहीं है। लेकिन इस संकट के दौर में सभी देशवासियों से अपील की कि जो लोग इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहे हैं, उन्हें स्वार्थी राजनीति नहीं करनी चाहिए। संकट के समय किसी को ऐसा नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ''यह 140 करोड़ नागरिकों के हितों से जुड़ा मुद्दा है। इसमें स्वार्थी राजनीति की कोई जगह नहीं है। जो लोग अफवाहें फैला रहे हैं, वे देश को बहुत नुकसान पहुंचा रहे हैं। मैं सभी से अपील करता हूं कि सतर्क रहें, अफवाहों से भ्रमित न हों। सरकार लगातार सही जानकारी दे रही है। उसी पर भरोसा करें और उसी के आधार पर कदम उठाएं।''

प्रधानमंत्री ने कहा कि मार्च का महीना वैश्विक स्तर पर बेहद घटनापूर्ण रहा है। हम सब याद करते हैं कि कोविड के कारण पूरी दुनिया को लंबे समय तक अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ा। हम सबकी उम्मीद थी कि कोविड संकट से उबरने के बाद दुनिया एक नयी शुरुआत के साथ प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगी, लेकिन उसके बाद दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में युद्ध और संघर्ष की स्थितियां लगातार उभरती रहीं। अब वहां बेहद नाजुक स्थिति बनी हुई है और भारत के करोड़ों परिवारों के सदस्य वहां रहते हैं और खासकर खाड़ी देशों में काम कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने भारतीयों की मदद करने के लिए खाड़ी देशों का आभार जताते हुए कहा, ''खाड़ी देशों का बहुत आभार। उन्होंने एक करोड़ से अधिक भारतीयों को हर प्रकार की सहायता दी। अब तक 3.75 लाख से ज्यादा भारतीय सुरक्षित भारत वापस लाए जा चुके हैं। ईरान से लगभग 1000 भारतीय, जिनमें 700 से ज्यादा मेडिकल छात्र शामिल हैं, सकुशल भारत पहुंच चुके हैं।''

उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हमारे ऊर्जा जरूरतों, कच्चा तेल, गैस आदि ईंधन का प्रमुख केंद्र है। इस क्षेत्र में चल रहे युद्ध के कारण दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल और गैस का संकट बन रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही मुश्किल हो गई है, जिससे व्यापार मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। सरकार पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। देश में स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व 5.3 मिलियन टन से ज्यादा है और इसे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संकट में राष्ट्र को एकजुट रहना चाहिए और अफवाहों से बचना चाहिए।

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