Uttrakhand: नया गैस कनेक्शन मिलना पूरी तरह बंद...नए कारोबार खोलने वालों को अब भी इंतजार
हल्द्वानी, अमृत विचार। गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं की परेशानियां दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक माह से नए गैस कनेक्शन मिलना पूरी तरह से बंद हो गए हैं। अभी लोगों की जद्दोजहद केवल किसी तरह से गैस सिलेंडर पाने की है।
एक मार्च से गैस सिलेंडर का संकट शुरू हो गया था। एक माह बीत गया है और यह संकट अभी भी चल ही रहा है। इस बीच गैस उपभोक्ताओं के लिए कई नियम बदले गए। पहले जहां घरेलू गैस सिलेंडर 15 दिन की रिफलिंग के बाद बुक हो जाता था वहीं अब यह मियाद 25 दिन की चल रही है। इसमें भी इंडेन गैस उपभोक्ता सबसे ज्यादा परेशान हैं। उनको डीएसी नंबर मिलने के बाद भी सिलेंडर के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इधर एक समस्या और भी है।
चाहें घरेलू हो या कमर्शियल किसी भी तरह के ग्राहक को नया कनेक्शन नहीं मिल रहा है। यह सुविधा एक माह से बंद की जा चुकी है। लोगों को बताया जा रहा है कि जब तक यह संकट ठीक नहीं होता है तब तक कनेक्शन नहीं दिए जाएंगे। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत कमर्शियल गैस सिलेंडर वालों को है। रेस्टोरेंट जैसे नए कारोबार शुरू करने वाले इस इंतजार में बैठे हैं कि कब यह संकट खत्म हो और उन्हें नया कमर्शियल गैस कनेक्शन मिले।
सुभाषनगर निवासी सुधीर कुमार ने बताया कि वह एक रेस्टोरेंट खोलने की शुरूआत करने वाले थे लेकिन नया कमर्शियल गैस कनेक्शन ही नहीं मिल रहा है। तल्ली बमौरी निवासी विकास पांडे ने बताया कि अपने रेस्टोरेंट की एक नई फूड चेन खोलने पर काम कर रहे थे लेकिन फिलहाल गैस कनेक्शन नहीं मिलने की वजह से योजना रद्द कर दी गई है।
अभी केवल पुराने उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर दिए जा रहे हैं। अब बैकलॉग भी कम हो रहा है। धीरे-धीरे स्थिति में सुधार होगा, फिलहाल किसी को भी नया गैस कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है।-गणेश सिंह नेगी, प्रबंधक, इंडेन गैस, शीशमहल- हल्द्वानी
19 किलो कमर्शियल सिलेंडर अब 2168 रुपये में
सरकारी कंपनियों ने 19 किलो के कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। इसमें अब 170 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है और एक माह पूर्व एक मार्च को इसमें 114.50 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। एक माह में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 284.50 रुपये की बढ़ोत्तरी हो गई है। व्यवसायिक उपभोक्ताओं को जहां सिलेंडर मुश्किल से मिल रहा है तो वहीं अगर मिल भी रहा है तो ज्यादा दामों में मिल रहा है। राज्य में कुल 60976 गैस उपभोक्ताओं के पास कमर्शियल गैस सिलेंडर हैं। इमनें सबसे ज्यादा उपभोक्ता देहरादून में हैं और सबसे कम चंपावत में हैं। नैनीताल जिले में 1068 गैस उपभोक्ताओं के पास कमर्शियल गैस सिलेंडर हैं। अब 19 किलो कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम 2168.50 रुपये हो गया है जबकि एक माह पूर्व तक करीब 1998.50 रुपये तक में मिल रहा था। गैस कंपनियों का कहना है कि नई दर लागू होते ही सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं। डीएसओ मनोज बर्मन ने बताया कि हमारे जिले में कमर्शियल गैस सिलेंडर में करीब 170 रुपये तक की बढ़ोत्तरी की गई है। जो नए सिलेंडर आ रहे हैं उनका फज्ञयदा यह है कि सिलेंडर में गैस पूरी तरह से खत्म होती है।
कालाबाजारी पर हमारी पूरी नजर
नगर निगम हल्द्वानी की बोर्ड बैठक में गैस सिलेंडर कालाबाजारी को लेकर बहुत हंगामा हुआ। पार्षदों ने कहा कि गैस सिलेंडर की कालाबाजारी को रोका जाए।इधर पूर्ति निरीक्षक राहुल डांगी ने कहा कि विभाग लगातार अभियान चलाता है। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि बद्रीपुरा क्षेत्र में इंडेन गैस के ठेकेदार के कर्मचारी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करते हुए पकड़े गए थे। इस पर पूर्ति विभाग की काफी किरकिरी भी हुई थी।
हल्द्वानी में पेट्रोल-डीजल के रेट में बदलाव नहीं
हल्द्वानी। हल्द्वानी में पेट्रोल-डीजल के मूल्य में कोई बदलाव नहीं हुआ है। एचपी के पेट्रोल पंप पर सादा पेट्रोल 92.89 रुपये, प्रीमियम पेट्रोल 99.89 रुपये और डीजल 87.70 रुपये में मिल रहा है। जिस एक्सट्रा प्रीमियम पेट्रोल के मूल्य बढ़े हैं वह 160 रुपये लीटर तक पहुंचा है। उसका उपयोग लग्जरी वाहनों और स्पोर्ट्स बाइक में होता है। फिलहाल इसके उपभोक्ता हल्द्वानी में बेहद कम हैं।
2500 रुपये में घरेलू गैस सिलेंडर हो रहा उपलब्ध
हल्द्वानी। विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि नगर निगम बोर्ड बैठक में पार्षदों ने गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का मुद्दा उठाना एकदम सही है। केंद्र, राज्य और नगर निगम तीनों जगह इनकी सरकार है। मैं कह रहा हूं कि गैस की कालाबाजारी हो रही है और 2500 रुपये में सिलेंडर मिल रहा है। इसको सरकार और प्रशासन रोककर दिखाएं। कहा कि पार्षद फ्रंट लाइन में रहते हैं, उन्हें हकीकत अच्छी तरह से पता है। सत्यता को नहीं छुपाया जा सकता है। उन्होंने देहरादून में बढ़ रहे अपराध पर भी टिप्पणी की और कहा कि राजधानी देहरादून में हो रही हत्या की वारदातों को लेकर विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि राजधानी देहरादून अब सुरक्षित नहीं है और यहां कानून व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो गई है। कहा कि लाइसेंस शस्त्र के लाइसेंस जरूरत होने पर ही दिए जाएं न कि स्टेट्स सिंबल के लिए। गन कल्चर के प्रचलन को खत्म करना चाहिए। हल्द्वानी में भी एक पार्षद ने लाइसेंसी बंदूक से हत्या की थी।
