Uttrakhand: धमाके के साथ फटा सिलेंडर, मां-बेटे सहित चार झुलसे, गैस चूल्हा जलाने के लिए जलाई थी तीली
रुद्रपुर, अमृत विचार। थाना ट्रांजिट कैंप इलाका उस समय तेज धमाके के साथ दहल उठा जब एक महिला ने गैस चूल्हा जलाने के लिए तीली जलाई। धमाका इतना तेज था कि इससे कमरे की दीवार टूट गई और अग्निकांड में दंपति, उसका बेटा सहित एक महिला बुरी तरह से झुलस गए। घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां दंपति परिवार की नाजुक हालत को देखते हुए हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग और पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया और आग पर काबू पाया।
यहां बता दें कि मूलरूप से खमरियापुल पीलीभीत एवं हाल निवासी कृष्णा कॉलोनी का रहने वाला लोकेश कुमार अपने परिवार के साथ रहता है। रोजमर्रा की भांति मंगलवार की सुबह लोकेश, उसकी पत्नी गोमती देवी और दस साल का बेटा नीरज घर पर थे। सुबह साढ़े 7 बजे जैसे ही गृहस्वामिनी गोमती ने खाना बनाने के लिए गैस चूल्हा जलाने की कोशिश की और माचिस की तीली जलाई। गैस रिसाव होने के कारण आग भड़क गई और पलक झपकते ही तेज धमाके के साथ गैस सिलेंडर फट गया।
इसके बाद इलाके में भगदड़ मच गई और परिवार कमरे में फंस गया। जिसे देख वहां मौजूद मीरा देवी नाम की महिला भागती है और बचाने की कोशिश करती है, लेकिन वह भी झुलस गई। दरवाजा तोड़ने पर अंदर फंसा परिवार बाहर की ओर भागा और गश खाकर नीचे गिर गया। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर कर्मी भी घटनास्थल पहुंचे और आग पर काबू पाया। वहीं स्थानीय लोगों द्वारा झुलसे परिवार के अलावा पड़ोसी महिला को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने दंपति व उसके बेटे की नाजुक हालत को देखते हुए हल्द्वानी रेफर कर दिया। वहीं मीरा देवी की हालत स्थिर बनी हुई है। अग्निशमन विभाग अग्निकांड की जांच कर रही है।
गैस रिसाव की नहीं लगी भनक
रुद्रपुर। मंगलवार की सुबह साढ़े 7 बजे जैसे ही माचिस की तीली जलाई तो धमाके के साथ आग की लपटें उठने लगीं। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद सोमवार की रात्रि को खाना बनाने के बाद से ही गैस का रिसाव होने लगा होगा और कमरा बंद होने के कारण गैस भरी रही। गोमती ने जब चाय या फिर खाना बनाने के लिए तीली जलाई तो आग नहीं, बल्कि गैस का दबाव इतना ज्यादा रहा होगा कि आग पकड़ते ही तेज धमाका हो गया और परिवार आग की चपेट में आया। गैस रिसाव को लेकर अग्निशमन विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है।
मीरा ने दिखाई हिम्मत, हाथ झुलसा
मामूली झुलसी मीरा देवी ने बताया कि जिस कमरे में लोकेश किराए पर रहता है। उसके अगल-बगल भी किराएदार रहते हैं। सुबह साढ़े सात बजे जैसे ही धमाका हुआ। उस वक्त कमरा बंद था और आग की लपटे बाहर की ओर निकल रही थी। अंदर से चीख पुकार की आवाज आ रही थी तो उसने फौरन दरवाजा खोला। आग की तपिश इतनी तेज थी कि उसका बाया हाथ झुलस गया और मुंह पर आग की लपटे आई। दरवाजा खुलते ही परिवार जान बचाने को बाहर की ओर भागा। थोड़ी देर हो जाती तो परिवार की जान भी जा सकती थी।
लोकेश के परिवार की हालत है बेहद नाजुक
रुद्रपुर। गैस सिलेंडर फटने के कारण जहां कमरे का बाथरुम और दीवार टूट गई। वहीं दंपति के परिवार की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार गोमती और दस वर्षीय बेटा नीरज 90 फीसदी जल चुके हैं, जबकि लोकेश 50 फीसदी झुलसा है। वहीं मीरा को उपचार के बाद छुट्टी दे दी है। मां-बेटे की हालत बेहद नाजुक है। यही कारण है कि दंपति व बेटे को हल्द्वानी रेफर कर दिया है। हादसे को लेकर पुलिस लगातार घायलों का हालचाल जान रही है।
