UP: अब पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर करेंगे अवैध होटल-रिसॉर्ट्स की जांच

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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पीलीभीत, अमृत विचार। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के ईको सेंसिटिव जोन में नियम विरुद्ध तरीके से बने होटल-रिसॉर्ट्स की जांच को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से तीन सदस्यीय संयुक्त टीम गठित की हैं। संयुक्त टीम में उत्तरप्रदेश वन विभाग की ओर से भी एक प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। लिहाजा शासन ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर को इस संयुक्त कमेटी में उत्तर प्रदेश वन विभाग के प्रतिनिधि के तौर पर नियुक्त किया गया है। संभावना जताई जा रही है कि संयुक्त टीम जल्द ही यहां पहुंचकर रसूखदारों के कंकरीट ढांचों की कुंडली खंगालेगी।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित क्षेत्र में बीते सालों में पर्यटन की आड़ में दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसे बड़े शहरों के रसूखदारों द्वारा बड़े पैमाने पर जो होटल-रिसॉर्ट्स बनाए गए हैं, वे सभह अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) की रडार पर हैं। बीते दिनों हाईकोर्ट के एक वरिष्ठ अधिवक्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी की डिवीजन बेंच ने इस पर गहरा रोष व्यक्त किया था। याचिका में स्पष्ट कहा गया था कि इन अवैध होटलों और रिसॉर्ट्स के कारण न केवल हरियाली उजाड़ी जा रही है, बल्कि जंगल में इंसानी दखल बढ़ने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं। 

एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर डॉ. ए. सेंथिल वेल की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व के इको सेंसटिव जोन में हुए निर्मार्णों की जांच के लिए एक संयुक्त कमेटी गठित की थी। संयुक्त कमेटी को 10 सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। इस गठित संयुक्त कमेटी में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसी) एवं उत्तर प्रदेश वन विभाग से एक-एक प्रतिनिधि एवं जिलाधिकारी पीलीभीत को शामिल किया गया है।

 इसमें जिलाधिकारी बतौर समन्वय अधिकारी की भूमिका में रहेंगें। इधर शासन ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह को इस संयुक्त कमेटी में उत्तर प्रदेश वन विभाग के प्रतिनिधि के तौर पर नियुक्त किया है। संभावना है कि जल्द ही संयुक्त टीम यहां पहुंचकर प्रतिबंधित क्षेत्र में बने होटल-रिसॉर्ट्स की जांच करेगी। इस संबंध में टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि इस मामले में शासन की ओर से पत्र जारी किया गया है।

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