UP में मौसम का कहर : कानपुर और बुंदेलखंड समेत UP के जिलों में बारिश और ओलावृष्टि ने मचाई तबाही, सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद
लखनऊ। कानपुर और जालौन समेत उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में शनिवार शाम तेज रफ्तार आंधी और ओलावृष्टि ने जमकर तबाही मचायी। मौसम के प्रतिकूल प्रभाव से सैकड़ों एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा। मौसम विभाग ने पहले ही प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के बारिश, आंधी और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आगामी दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
कानपुर में आज शाम करीब पांच बजे तेज रफ्तार आंधी और बारिश के बीच ओलावृष्टि ने तांडव किया। शहर में कई इलाकों में पेड़ धराशायी हो गये जबकि बिजली के खंभो के गिरने से पूरे शहर में बिजली आपूर्ति बुरी तरह लड़खड़ा गयी। आंधी पानी और ओलावृष्टि का यह सिलसिला करीब डेढ़ घंटे तक जारी रहा। बारिश थमने के बाद भी आधे से ज्यादा शहर अंधेरे में डूबा हुआ था। बारिश के चलते सड़कों पर यातायात थम गया जबकि जलभराव से कई इलाके टापू में तब्दील हो गये। बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को जबरदस्त नुकसान होने की संभावना है।
उधर बुंदेलखंड के महोबा,हमीरपुर,ललितपुर और जालौन में करीब एक घंटे की ओलावृष्टि से फसलों को जबरदस्त नुकसान पहुंचा। जिले के माधवगढ़, कालपी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दोपहर मौसम ने अचानक करवट ले ली। देखते ही देखते आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर बाद भारी ओलावृष्टि ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। लगभग एक घंटे तक चली बारिश और ओलों की बरसात से सड़कों पर सफेद चादर बिछ गई, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
सबसे अधिक मार किसानों पर पड़ी है। इस समय क्षेत्र में गेहूं, चना और सरसों की कटाई जोरों पर थी, लेकिन अचानक हुई ओलावृष्टि ने किसानों की महीनों की मेहनत को भारी नुकसान पहुंचाया। कई खेतों में फसलें जमीन पर बिछ गईं और कई जगह दानों को गंभीर क्षति हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि उत्पादन में भारी गिरावट तय है, जिससे किसान आर्थिक तौर पर बुरी तरह प्रभावित होंगे।
माधवगढ़, कालपी व आसपास के गांवों के किसानों-राम प्रकाश, रामबाबू, सुरेंद्र सिंह, दीपक सिंह, कल्लू यादव और अमर सिंह चंदेल-ने बताया कि पहले ही खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, ऊपर से ऐसी प्राकृतिक आपदा ने स्थिति और कठिन बना दी है। किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि ने उन्हें गहरे आर्थिक संकट में धकेल दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार पांच अप्रैल के बाद मौसम में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन सात से नौ अप्रैल के बीच एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और आंधी का दौर लौटने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और आसपास के क्षेत्रों में मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका अधिक जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा है कि खराब मौसम के दौरान घरों में रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और बिजली उपकरणों को सुरक्षित रखें। कृषि क्षेत्र पर भी इसका असर पड़ने की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं और बारिश के कारण फसलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए किसानों को पकी फसल की कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखने तथा जलभराव से बचाव के उपाय करने की सलाह दी गई है।
