विधायक ने सीएमओ पर लगाए फर्जीवाड़ा और नियम विरुद्ध तैनाती के गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
लखनऊ, अमृत विचार : विधायक रविदास मेहरोत्रा ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि डॉक्टरों और कर्मचारियों की तैनाती में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है, जिसकी शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में विधायक ने आरोप लगाया है कि जनवरी में इंटरव्यू से ऐसे अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जिन्होंने विदेश और निजी मेडिकल कॉलेजों से महंगी एमबीबीएस की पढ़ाई की, लेकिन ईडब्ल्यूएस कोटे का प्रमाण पत्र बनवाकर खुद को गरीब दर्शाया। आरोप है कि इन अभ्यर्थियों का चयन बिना समुचित सत्यापन के कर लिया गया और बाद में जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। इसके अलावा, विधायक ने यह भी कहा कि सीएमओ कार्यालय में लेवल-1 ग्रेड के डॉक्टर की तैनाती की गई, जबकि इस पद का कोई प्रावधान ही नहीं है। अन्य कई अनियमितताओं का भी जिक्र करते हुए उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से नाराज विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सीएमओ के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने जांच अपर निदेशक, लखनऊ मंडल को सौंप दी है। अपर निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता का कहना है कि विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
