UP ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धिः अब कुल क्षमता पहुंची 13,388 मेगावाट, घाटमपुर तापीय परियोजना की 660 MW यूनिट-3 का सफल सिंक्रोनाइजेशन

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा चुका है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के नेतृत्व में घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना की 660 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट-3 का सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइजेशन किया गया है, जोकि प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने और औद्योगिक विकास को बल देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

यह ऐतिहासिक परियोजना नेवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड (एनयूपीपीएल) द्वारा संचालित है, जो एनएलसी इंडिया लिमिटेड (51प्रतिशत) और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (49 प्रतिशत) का संयुक्त उपक्रम है। यूनिट-3 का सिंक्रोनाइजेशन 765 केवी ग्रिड से सफलतापूर्वक किया गया है, जो परियोजना के वाणिज्यिक संचालन (सीओडी) की दिशा में अहम उपलब्धि मानी जा रही है।

परियोजना के पूर्ण रूप से संचालित होने के बाद प्रतिदिन लगभग 47.52 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। इससे प्रदेश की निरंतर बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी और आमजन को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। यूनिट-3 के जुड़ने से उत्तर प्रदेश की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 13,388 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। उल्लेखनीय है कि यूनिट-1 और यूनिट-2 क्रमशः दिसंबर 2024 और दिसंबर 2025 से सफलतापूर्वक संचालन में हैं।

परियोजना से उत्पादित 93.11 प्रतिशत बिजली यूपी को

केंद्र सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा निर्धारित आवंटन के अनुसार, परियोजना से उत्पादित लगभग 93.11 प्रतिशत बिजली उत्तर प्रदेश को प्राप्त होगी, जबकि शेष अन्य राज्यों को वितरित की जाएगी। इसके अलावा, झारखंड स्थित पचवारा साउथ कोल ब्लॉक के विकास के साथ दीर्घकालिक ईंधन सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे भविष्य में सतत और निर्बाध विद्युत उत्पादन सुनिश्चित होगा।

परियोजना पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है। इसमें एफजीडी (फ्लू गैस डीसल्फराइजेशन) और एससीआर (सेलेक्टिव कैटेलिटिक रिडक्शन ) जैसी उन्नत प्रणालियों का उपयोग किया गया है। इन तकनीकों के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण के साथ “ जीरो लिक्विड डिस्चार्ज” की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

इस उपलब्धि से न केवल ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति दिखाई देती है, बल्कि औद्योगिक विकास, निवेश आकर्षण और समग्र आर्थिक वृद्धि को भी नई गति मिलेगी। उत्तर प्रदेश अब ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जो प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। - एके शर्मा , ऊर्जा मंत्री, उप्र.

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