मुरादाबाद: आजम खां व बेटे का उन्नमूलन प्रार्थना पत्र निरस्त
मुरादाबाद, अमृत विचार। छजलैट कांड में फंसे सपा के कद्दावर नेता व रामपुर के सांसद आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की मुश्किलें थोड़ी बढ़ गईं हैं। उनके अधिवक्ता की ओर से दिए गए उन्नमूलन प्रार्थना पत्र को सुनवाई के बाद न्यायालय ने निरस्त कर दिया है। प्रार्थना पत्र देकर आजम खां के अधिवक्ता …
मुरादाबाद, अमृत विचार। छजलैट कांड में फंसे सपा के कद्दावर नेता व रामपुर के सांसद आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की मुश्किलें थोड़ी बढ़ गईं हैं। उनके अधिवक्ता की ओर से दिए गए उन्नमूलन प्रार्थना पत्र को सुनवाई के बाद न्यायालय ने निरस्त कर दिया है। प्रार्थना पत्र देकर आजम खां के अधिवक्ता ने रिपोर्ट में दर्ज धाराओं के सापेक्ष साक्ष्य न मिलने पर उनको हटाने की मांग रखी थी। अब इस मामले में भी छह जनवरी को सुनवाई होगी।
जनवरी वर्ष 2008 में छजलैट पुलिस ने कार के शीशों पर काली फिल्म होने के कारण आजम खां की गाड़ी रोक ली थी। कार में उनके छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम भी सवार थे। हंगामा बढ़ने पर तमाम सपा के दिग्गज नेता मौके पर पहुंच गए थे और वह थाने के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए थे। पुलिस ने घंटों मशक्कत के बाद मामले को शांत कराया था। बाद में इस मामले में आजम खां व अब्दुल्ला आजम समेत तमाम सपाइयों के खिलाफ छजलैट थाने में गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी।
मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता शहनवाज ने इन धाराओं को चुनौती देते हुए डिस्चार्ज (उन्मूलन) प्रार्थना पत्र दिया था। उनका कहना था कि पुलिस ने जिन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है, उसके तहत न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए हैं। लिहाजा इन धाराओं को हटाया जाए। इस मामले में बुधवार को फिर सुनवाई हुई। एमपी-एमएलए कोर्ट के अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश पुनीत गुप्ता ने उन्नमूलन (डिस्चार्ज) के प्रार्थना पत्र पर दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद इसे निरस्त कर दिया है।
विधायक नवाब जान के मामले में अब 11 जनवरी को होगी सुनवाई
ठाकुरद्वारा विधायक नवाब जान के खिलाफ दर्ज आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। उनके अधिवक्ता की ओर से हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र देने पर कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए 11 जनवरी की तारीख तय की है। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में ठाकुरद्वारा विधानसभा से सपा के नवाब जान मैदान में थे। चुनाव प्रचार के दौरान नवाब व उनके समर्थकों के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई चल रही है। बुधवार को इस मामले में सुनवाई थी लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुए। उनके अधिवक्ता ने कोर्ट में हाजिरीमाफी प्रार्थना पत्र दिया। अपर शासकीय अधिवक्ता कौशल गुप्ता ने बताया कि इस मामले में अब 11 जनवरी को सुनवाई होगी।
