अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला : वायु गुणवत्ता निगरानी की आधुनिक तकनीकों पर विशेषज्ञों ने किया मंथन
कानपुर/पुणे। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटी कानपुर) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज फॉर मॉनिटरिंग एयर-क्वालिटी इंडिकेटर्स ने पुणे में "स्मार्ट सेंसिंग एंड डिजिटल इंटेलिजेंस फॉर क्लीन एयर एंड गुड हेल्थ" विषय पर अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में वायु प्रदूषण और उसके सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रभाव जैसे वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और विकास सहयोगियों ने भाग लिया।
कार्यशाला में वायु गुणवत्ता निगरानी की आधुनिक तकनीकों पर चर्चा की गई, जिसमें उपग्रह डेटा, नियामक प्रणालियों और कम लागत वाले सेंसरों को जोड़ने वाले हाइब्रिड मॉनिटरिंग नेटवर्क तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पूर्वानुमान और निर्णय-सहायता प्रणालियां शामिल रहीं। इस दौरान मोबाइल रियल-टाइम सोर्स अपॉर्शनमेंट (आरटीएसए) प्रयोगशाला के वर्चुअल रियलिटी अनुभव का शुभारंभ किया गया तथा स्वदेशी मशीन लर्निंग आधारित पार्टिकुलेट मैटर सेंसरों का प्रदर्शन भी किया गया।
कार्यशाला में कई महत्वपूर्ण ज्ञान उत्पाद जारी किए गए, जिनमें हाइब्रिड एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग नेटवर्क पर गाइडबुक, डायनेमिक हाइपरलोकल सोर्स अपॉर्शनमेंट की कार्यान्वयन मार्गदर्शिका, लखनऊ और कानपुर के लिए डेटा-आधारित नीति संक्षेप तथा बिहार में घरेलू ऊर्जा परिवर्तन पर नीति नोट शामिल हैं। वक्ताओं ने विज्ञान आधारित वायु गुणवत्ता प्रबंधन को मजबूत करने और तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों में डेटा-आधारित समाधान अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में आयोजित पैनल चर्चाओं में जन-जागरूकता, ओपन डेटा, परिवहन-ऊर्जा-स्वास्थ्य क्षेत्रों के समन्वय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा हुई। कार्यशाला में यह निष्कर्ष सामने आया कि वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार के लिए वैश्विक सहयोग, डेटा की पारदर्शिता और स्थानीय स्तर पर प्रभावी कदम आवश्यक हैं।
