सहारनपुर का वुड कार्विंग और होजरी चढ़ा अमेरिका ईरान युद्ध की भेट, शिपिंग रूट प्रभावित होने से नहीं मिले आर्डर
सहारनपुर।अमेरिका-ईरान युद्ध तथा अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट प्रभावित होने से फरवरी से अप्रैल के बीच सहारनपुर के लकड़ी नक्काशी उद्योग को 150 से 200 करोड़ रुपये तक के ऑर्डर प्रभावित होने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शीतल टंडन ने शनिवार को बताया कि सहारनपुर का काष्ठ कला उद्योग मुख्य रूप से निर्यात आधारित है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का सीधा असर यहां के कारीगरों और व्यापारियों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि जिले का वुड कार्विंग और होजरी व्यापार विशेष रूप से प्रभावित हुआ है।
उन्होंने बताया कि सहारनपुर से खाड़ी देशों, यूरोप और अमेरिका को बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है। लकड़ी हस्तशिल्प का वार्षिक निर्यात लगभग 400 करोड़ रुपये का है, जिसमें से 40 से 50 प्रतिशत कारोबार मौजूदा परिस्थितियों और टैरिफ प्रभाव के कारण संकट में है। श्री टंडन ने कहा कि शिपिंग कंपनियों द्वारा कंटेनर परिवहन सीमित किए जाने से यूरोप जाने वाला माल अब लंबे वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है, जिससे मालभाड़ा और उत्पादन लागत दोनों बढ़ गई हैं।
सहारनपुर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महानगर अध्यक्ष विवेक मिनोचा ने बताया कि केवल वुड हैंडीक्राफ्ट क्षेत्र में अब तक 150 करोड़ रुपये से अधिक नुकसान का अनुमान है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होने से पेंट और थिनर की कीमतों में लगभग 12 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है, जबकि लॉजिस्टिक्स समस्याओं के कारण होजरी व्यापार की आपूर्ति श्रृंखला भी बाधित हुई है।
मिनोचा ने बताया कि कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक कीमतों में उछाल का असर कमर्शियल एलपीजी पर भी पड़ा है। इससे सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में छोटे एवं मध्यम स्तर के रेस्टोरेंट, ढाबों और ठेला विक्रेताओं की लागत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि लागत बढ़ने और ग्राहकों की कमी के कारण कई प्रतिष्ठानों को मेन्यू दरों में वृद्धि अथवा परोसने की मात्रा में कमी करनी पड़ी है।
