लखनऊ : यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का मैनेजर फर्जीवाड़े में गिरफ्तार, मुद्रा लोन के नाम पर 100 से अधिक लोगों से करोड़ों की हेराफेरी
लखनऊ, अमृत विचार : एसटीएफ ने मुद्रा लोन के नाम पर 100 से अधिक लोगों से 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करने वाले बैंक मैनेजर को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी नितिन चौधरी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की वसंत विहार शाखा में तैनात था। मामले में एसटीएफ पहले ही मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। आरोपी के पास से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, क्रेडिट कार्ड, मेट्रो कार्ड और नकदी बरामद हुई है।
एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक नितिन मूल रूप से आजमगढ़ के फूलपुर तहसील के पवई स्थित बागबहार का निवासी है और लखनऊ के खरगापुर में रहता है। जब गुडंबा के कल्याणपुर शाखा में फर्जीवाड़ा हुआ, तब वह शाखा प्रबंधक था। मामले का खुलासा हजरतगंज निवासी राज बहादुर गुरुंग की शिकायत पर हुआ। उन्होंने बताया कि लोन के लिए फॉर्म भरने के बाद भी लोन स्वीकृत नहीं हुआ, लेकिन बाद में उनके नाम पर दो लोन पास होने और ईएमआई संदेश आने की जानकारी मिली।
एसटीएफ जांच में यह संगठित गिरोह सामने आया, जिसमें बैंक कर्मचारी, फर्जी दस्तावेज बनाने वाले और नकली फर्म संचालक शामिल हैं। गिरोह लोगों के आधार और पैन कार्ड में फोटो एडिट कर फर्जी फर्मों के जरिए लोन पास कराता था और रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर लेता था। पूछताछ में आरोपी ने कई फर्जी लोन कराने की बात कबूली है। गिरोह ने चार वर्षों में लखनऊ, उन्नाव, सीतापुर और बाराबंकी के 100 से अधिक लोगों के नाम पर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन हड़प लिया।
