गुपचुप तैयारी: भाजपा-सपा के कई दिग्गज करेंगे हाथी की सवारी...चुनाव से पहले बसपा कर रही होमवर्क !

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। मिशन-2027 की तैयारी में जुटी बहनजी मायावती की बरेली बिग्रेड ने भाजपा-सपा को जिले में झटके पर झटके देने की तैयारी कर ली है। सत्तारूढ़ भाजपा और सपा कैंप में सक्रिय होकर टिकट की उम्मीद लगाए कई सूरमा हालात देखते हुए बी प्लान पर भी काम कर रहे हैं और चुपके-चुपके बसपा संगठन से संपर्क बढ़ा रहे हैं। विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि कुछ दिग्गज चुनावी समय में बेटिकट होते ही हाथी की सवारी करते नजर आएंगे। कई तरह की चर्चाओं और कयासें के बीच बसपा की टिकट पर भोजीपुरा सीट से दमदार कुर्मी चेहरा आशीष पटेल और भोजीपुरा से अल्पसंख्यक दांव के रुप में डा. मोहम्मद फाजिल का उतरना लगभग तय हो चुका है।

आशीष पटेल बिथरी से दो बार बसपा विधायक रहे कद्दावर नेता दिवंगत वीरेन्द्र सिंह के सुपुत्र हैं और पिता की राजनैतिक विरासत आगे बढ़ाने में जुटे हैं। आशीष पटेल ने 2022 विधानसभा चुनाव बिथरी सीट से लड़ा था, लेकिन जीत से दूर रहे थे। पिछले चुनाव में भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर ब्लाक प्रमुख योगेश पटेल ने बागी होकर हाथी की सवारी कर ली थी और खुद जीत न सकने के बाद भी भगवा कैंप की हार का बड़ा फैक्टर साबित हुए थे। योगेश पटेल अब फिर भाजपा कैंप में हैं। 

आशीष पटेल कैंप से जुड़े लोगों के अलावा बसपा संगठन भी यह बात खुलकर कह रहा है कि इस बार वह भोजीपुरा के मैदान में ताल देते नजर आएंगे। सभी जानते हैं कि आशीष के पिता स्व. वीरेन्द्र सिंह अपने समय में बरेली के बड़े राजनैतिक छत्रप माने जाते थे। पवन विहार परिवार की विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख चुनावों में जीत के आंकड़े किसी छिपे नहीं है। पिता वीरेन्द्र सिंह के असमय निधन के बाद से पुत्र आशीष पटेल लगातार नीला झंडा थामकर आगे बढ़ रहे हैं, हालांकि उनके चाचा पूर्व ब्लाक प्रमुख बसपा छोड़ सपा और वहां से भी नाता तोड़ भाजपा के हो चुके हैं। बसपा को आशीष पटेल से भोजीपुरा में बड़ी उम्मीद है। भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र में बड़ी तादात कुर्मी मतदाताओं की है और आशीष समाज के प्रमुख युवा चेहरा हैं।

बसपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी में चुनावी दौड़ में आगे चल रहे दूसरे बड़े खिलाड़ी आला हजरत अस्पताल के संचालक डा. मोहम्मद फाजिल हैं। चिकित्सा पेशे से जुड़े होने के साथ अपने समाज पर अच्छी पकड़ भी बताई जाती है। बिथरी से बसपा ने 2007 और 2012 में जीत दर्ज की थी। 2017 में बसपा के तत्कालीन विधायक वीरेन्द्र सिंह भाजपाई चेहरा राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल के मुकाबले शिकस्त खा बैठे थे। डा.फाजिल के रूप में बसपा बिथरी में अल्पसंख्यक कार्ड खेलने की तैयारी में हैं, यह बात लगभग फाइनल ही बताई जा रही है। हालांकि, बिथरी से टिकट की लाइन में और भी कई नेता हैं, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वे समय आने पर अपने पत्ते खोलेंगे !

बात मीरगंज, नवाबगंज, बहेड़ी, फरीदपुर और बरेली शहर-कैंट की करें तो कहा जा रहा है कि इन सीटों से चुनावी लाइन में अपना नंबर पक्का कराने के लिए भी दावेदारों के बसपा संगठन के साथ वार्ताएं शुरू हो चुकी हैं। मौजूदा वक्त में भाजपा और सपा की राजनीति कर रहे कई धुरंधर बसपा बिग्रेड से मेल-मिलाप का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं और स्थिति को आगे की पाला-बदल कहानी का शुरूआती संकेत माना जा रहा है। मीरगंज, नवाबगंज, बहेड़ी में बसपा कुर्मी, बरेली शहर में कायस्थ, कैंट में मुस्लिम, आंवला में मौर्य कार्ड खेलने पर मंथन-मनन कर रही है। फरीदपुर रिजर्व सीट हैं, जहां भी पार्टी से टिकट की लाइन में कई चेहरे हैं। कई सूरमा तो ऐसे भी हैं जो अभी तक जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने की तैयारी में थे, लेकिन चुनाव टलने की चर्चाओं के बीच अब विधानसभा पर निगाहें जमा रहे हैं। इसके लिए महीनों पहले से ही गोटें बिछाई जा रही हैं, ताकि आखिरी समय में ‘चुनावी मोर्चे’से बाहर न बैठना पड़े !

संगठन में पद तो टिकट नहीं देगी बसपा: जिलाध्यक्ष
बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह ने बताया कि बताया पार्टी विधानसभा चुनाव में किसी ऐसे चेहरे को टिकट नहीं देगी, जो संगठन में पद संभाल रहे हैं। जिले की हर सीट पर बसपा दमदार प्रत्याशी उतारेगी। भोजीपुरा सीट से युवा नेता आशीष पटेल और बिथरी चैनपुर से डा. फाजिल का नाम लगभग तय हो चुका है। बाकी जगहों पर भी कई-कई दावेरों टिकट की लाइन में है। जिले की अन्य सीटों पर टिकट के लिए मजबूत नाम फाइनल कर दिए जाएंगे।

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