अलविदा आशा ताई : झुमका गिरा रे...बरेली वालों की यादों में हमेशा रहेंगी आशा भोसले
बरेली, अमृत विचार। मशहूर गायिका आशा भोसले के निधन से बरेली वालों के दिल टूट गए हैं। धूम मचा देने वाले ''झुमका गिरा रे..'' गाने को आशा भोसले ने ही अपनी जादुई आवाज देकर बरेली को नई पहचान दी थी। वो दौर ऐसा था कि ''मेरा साया'' फिल्म के इस गाने को सुनकर चलते काफिले रुक जाते थे। उनके निधन से फिल्म और शास्त्रीय संगीत की दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई।
बरेली का नाम आता है तो आशा भोसले के कंठ से निकला झुमका गिरा रे.. गाना जरूर गुनगुनाया जाता है। कहा जाता है कि जब हरिवंश राय बच्चन बरेली आए थे, तब उनकी पत्नी तेजी बच्चन (अमिताभ बच्चन की मां) ने बरेली के बाजार में झुमका गिरने की बात कही थी। कानों कान बात मुंबई पहुंची तो राजा मेहदी अली ख़ान ने गाना लिख डाला। संगीत निर्देशक मदन मोहन इस गाने की आवाज देने को अलग अंदाज खोज रहे थे और यह खोज आशा भोसले पर जाकर खत्म हुई थी। इस गाने को सुर देने के बाद आशा का बरेली से ऐसा कनेक्शन बना कि कभी मिटाए नहीं मिटेगा।
झुमका सिटी के रूप में मशहूर बरेली की यह पहचान आज भी कायम है। यादों को नई पीढ़ी की यादों में बसाने के लिए शहर में विशाल झुमका भी स्थापित किया गया। आशा भोसले सहसवान-रामपुर संगीत परंपरा के प्रख्यात गायक उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान की शिष्या थी, जिनसे उन्होंने शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा ली थी। उनके गायन में शास्त्रीयता और फिल्मी संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलता था। उनका निधन से बरेली में हर कोई दुखी नजर आ रहा है।
