सिर्फ असली योग्य खिलाड़ियों को मिलेंगे राष्ट्रीय खेल पुरस्कार? मंत्रालय ने अर्जुन अवॉर्ड्स की अनुशंसाओं पर लगाई रोक

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

नई दिल्लीः राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की घोषणा में इस बार अप्रत्याशित विलंब हो गया है और खेल मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि बड़ी संख्या में पुरस्कार बांटने की बजाय सिर्फ योग्य खिलाड़ियों को ही देने के लिये फिर से समीक्षा की जा रही है। राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिये चयन समिति ने अपने सुझाव पिछले साल दिसंबर में ही दे दिये थे। लेकिन अभी तक मंत्रालय ने विजेताओं की घोषणा नहीं की है और सूत्रों का कहना है कि इसकी फिर से समीक्षा की जा रही है। 

एक सूत्र ने सोमवार को बताया, ''अर्जुन पुरस्कार के लिये अनुशंसा पर फिर विचार किया जा रहा है। मंत्रालय का मानना है कि इन पुरस्कारों का महत्व कम नहीं होना चाहिये।'' उन्होंने कहा, ''ऐसा नहीं होना चाहिये कि हर जगह अर्जुन पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों की भरमार हो और जब उनसे उपलब्धियां पूछी जाये तो दिखाने के लिये कुछ नहीं हो। कई मामले फिर अदालत तक चले जाते हैं और मीडिया में भी नकारात्मक खबरें आती हैं।'' 

अतीत में कई बार खिलाड़ी पुरस्कार नहीं मिलने पर अदालत की शरण में गए हैं। मंत्रालय का मानना है कि चयन समिति को विजेताओं को चुनने की नौबत ही नहीं चाहिये और अंकों का एक तय मानदंड होना चाहिये जिससे योग्य खिलाड़ी ही आवेदन करें। 

सूत्र ने कहा, ''यह पुरस्कार राशि की तरह होना चाहिये कि अगर आपने ओलंपिक पदक जीता है तो कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। आपको 75 लाख रूपये मिलने ही है। इसी तरह सुपात्र खिलाड़ी को समिति द्वारा आकलन किये जाने की जरूरत नहीं है।'' आम तौर पर ये पुरस्कार महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर 29 अगस्त को दिये जाते हैं लेकिन पिछले कुछ साल से टूर्नामेंटों और उपलब्धता के मसलों के कारण ऐसा नहीं हुआ है। 

 

संबंधित समाचार