UP:चार करोड़ सरेंडर, आठ हजार बच्चों की छात्रवृत्ति अटकी

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Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। जनपद में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम आरटीई के तहत करीब आठ हजार बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति अब तक उनके खातों में नहीं पहुंच सकी है। हैरानी की बात यह है कि लगभग चार करोड़ की यह धनराशि समय रहते वितरित करने के बजाय 31 मार्च 2026 को सरेंडर कर दी गई।

शिकायतकर्ता आकांक्षा भारती की ओर से दी गई शिकायत में निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पाठ्य पुस्तक और यूनिफॉर्म के लिए प्रति छात्र पांच हजार की दर से धनराशि दी जानी थी, लेकिन चार महीने पहले फंड मिलने के बावजूद इसका भुगतान नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर दो बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ।

प्रकरण की शिकायत मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह से भी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, जिसमें बच्चों की संख्या, भुगतान की स्थिति, बकाया कारण तथा चार करोड़ की धनराशि सरेंडर करने के निर्णय का पूरा विवरण देना होगा।

 प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि लंबित भुगतान वाले बच्चों की पहचान कर जल्द समाधान किया जाए और आरटीई शिकायतों के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि यह एक गंभीर प्रकरण है और शासन की मंशा के विपरीत कार्य किया गया है। इसमें कार्रवाई होना तय है।

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