Bareilly: जीआरएम स्कूल में पंद्रह फीट तक अवैध कब्जा चिह्नित...आलीशान गेट और बाउंड्रीवाल पर संकट
बरेली, अमृत विचार। कोहाड़ापीर-कुदैशिया रोड के चौड़ीकरण को लेकर नगर निगम ने कमर कस ली है। अफसरों का कहना है जो निर्माण राह की बाधा बन रहे हैं, उन्हें 15 दिन में अतिक्रमण खुद हटाने को कहा गया है। इसके बाद निगम एक्शन लेगा और हर्जाना भी वसूलेगा। नैनीताल रोड पर जीआरएम स्कूल का गेट और बाउंड्रीवॉल का हिस्सा सहित कई प्रतिष्ठान चौड़ीकरण की जद में हैं और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली परियोजना के चलते में निगम के तेवर सख्त हैं।
बीते दिनों कोहाड़ापीर से नैनीताल रोड तक नगर निगम की निर्माण विभाग की टीम ने कुल 386 छोटे-बड़े अवैध कब्जे चिह्नित किए हैं। इनमें जीआरएम के सामने वाली पट्टी पर स्थित करीब 80 दुकानदारों और भवन स्वामियों को 15 दिन का अंतिम नोटिस चस्पा किया गया है। सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण माने गए प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी होने के बाद हड़कंप की स्थिति नजर आ रही है। मंत्री, सांसद और विधायकों की सिफारिश भी काम नहीं आ रही। सोमवार को वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार के हस्तक्षेप पर निगम ने फिलहाल ध्वस्तीकरण रुक गया है। मंत्री ने अफसरों से कहा है कि सभी पक्षों के साथ बैठक कर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए। हालांकि, निगम के अफसरों का कहना है कि 15 दिन की नोटिस अवधि बीतने के बाद कार्रवाई फिर शुरू कर दी जाएगी। फिर चाहे वो स्कूल-बारातघर हों या अन्य प्रतिष्ठान, एक्शन समान रूप से होगा।
नगरायुक्त बोले, अतिक्रमण खुद ही हटा लें तो ठीक
सड़क चौड़ीकरण जनहित और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता से जुड़ी परियोजना है। सर्वे में जीआरएम स्कूल सहित कई रसूखदारों की ओर से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की पुष्टि हुई है। विकास की राह में कोई अड़चन नहीं होने दी जाएगी। सभी को तय समय में स्वयं अवैध निर्माण हटाने को कहा गया है। इसके बाद निगम बुलडोजर एक्शन शुरू कराएगा और इसका खर्च भी संबंधित पक्षों से वसूला जाएगा। - संजीव कुमार, नगर आयुक्त
सड़क चौड़ीकरण जनहित और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता से जुड़ी परियोजना है। सर्वे में जीआरएम स्कूल सहित अन्य रसूखदारों की ओर से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की पुष्टि हुई है। विकास की राह में किसी का भी निजी रसूख आड़े नहीं आएगा। सभी को पंद्रह दिन का अंतिम नोटिस दिया गया है। यदि तय समय में स्वयं अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो निगम बुलडोजर से ध्वस्तीकरण करेगा और इसका खर्च भी संबंधित पक्षों से वसूला जाएगा। - संजीव कुमार, नगर आयुक्त
