प्रयागराज : शिक्षा चयन आयोग हुआ सख्त, परीक्षाओं में जीरो टॉलरेंस नीति लागू
प्रयागराज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग ने प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। आयोग ने आगामी परीक्षाओं में जीरो टॉलरेंस नीति लागू करने का निर्णय लिया है। आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए मुख्यालय में अत्याधुनिक एकीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
उन्होंने बताया कि यहां से प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। कंट्रोल रूम में दो दर्जन से अधिक हाई-क्वालिटी स्क्रीन और एआई कैमरों के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि आयोग आधुनिक तकनीक का उपयोग कर परीक्षा प्रणाली को मजबूत बना रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत पकड़ा जा सके। नकल, पेपर लीक या अन्य गड़बड़ियों में शामिल पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा पूरी ईमानदारी और नियमों के तहत दें। साथ ही, किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से दूर रहें। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को ही उनका अधिकार मिल सके।
