शिक्षा माफियाओं का खेल बेनकाबः फिर खुल गए बंद स्कूल, अब 18 अवैध संस्थान चिह्नित
माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग ने गत वर्षों में बंद कराए थे स्कूल
अयोध्या, अमृत विचार : शिक्षा माफियाओं द्वारा तू डाल-डाल, मैं पात-पात की तर्ज पर जिले में अवैध स्कूलों का खेल जारी है। दो साल में बंद कराए गए स्कूलों ने फिर से बिना मान्यता संचालन शुरू कर दिया। कुछ ने नाम बदले तो कुछ ने मामूली बदलाव किया और पुराना ''खेल'' फिर शुरू हो गया। इस साल शुरू हुए बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के साझा अभियान में अब तक ऐसे 18 स्कूल चिह्नित किए जा चुके हैं। इनमें से पांच पर ताला लगवाकर निगरानी भी शुरू कर दी गई है। अवैध स्कूलों में सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र में मिले हैं। क्षेत्र में कई इंटर कॉलेज भी अवैध ढंग से संचालित किए जा रहे हैं।
शिक्षा माफियाओं द्वारा शुरू किए गए इस खेल को खेल विभाग भी हतप्रभ है। शिक्षा माफिया इतने बेखौफ है कि बाकायदा मान्यता विहीन स्कूलों का प्रवेश के लिए प्रचार-प्रसार भी करा रहे हैं। यहां तक की अभिभावकों को तरह तरह का प्रलोभन दे रहे हैं। विभाग ने अभी तक नक्खीघाट स्थित मां शैलपुत्री कॉन्वेंट स्कूल, एसपी इंग्लिश स्कूल, गोमती मेमोरियल स्कूल, लवली चाइल्ड और सीएन पब्लिक स्कूल बंद कराए हैं। भारत पब्लिक स्कूल और आरएस कॉन्वेंट को पहले भी नोटिस दी गई है मगर इन स्कूलों के संचालन की अब भी शिकायतें आ रही हैं। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
दो वर्षों में लगातार कार्रवाई के बाद विभाग ने 25 स्कूलों पर ताला लगवाया था, मगर इनमें से कई स्कूलों से नाम में ''विद्या मंदिर'' की जगह ''विद्या केंद्र'' या कॉन्वेंट की जगह पब्लिक स्कूल जैसे बदलाव कर नए सिरे से संचालन शुरू कर दिया। अब तक सोहावल, मिल्कीपुर, पूराबाजार और बीकापुर में में दो-दो और बड़ागांव में एक अवैध स्कूल चिह्नित हुआ है। स्क्रीनिंग लगातार जारी है तो अवैध स्कूलों की संख्या बढ़ने का अनुमान है। बीएसए लालचंद ने बताया कि इन स्कूलों को बंद कराने के बाद प्रवेश सीजन खत्म होने तक इनकी निगरानी कराई जाएगी।
कक्षाओं की मान्यता में होता है बड़ा खेल
बीएसए ने बताया कि अवैध ढंग से संचालित स्कूल कक्षाओं की मान्यता का खेल भी करते हैं। कई स्कूल कक्षा एक से पांच तक की मान्यता लेकर कक्षा आठ तक की पढ़ाई करा रहे हैं। कुछ ने कक्षा छह से आठ तक की मान्यता ले रखी है और प्राथमिक कक्षाओं की पढ़ाई भी करा रहे हैं। ऐसे स्कूलों को भी चेतावनी जारी की जाएगी। इतना ही फर्जी इंटर कॉलेज हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में पास कराने के नाम पर संचालित किए जा रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग का दावा है कि सभी को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
