दिल्ली एयरपोर्ट से संदिग्ध आतंकियों का मुख्य साथी गिरफ्तार, विदेश से संचालित कर रहा था नेटवर्क, लुक आउट सर्कुलर भी जारी
लखनऊ, अमृत विचार: आतंकी संगठन आईएसआईएस का देश में नेटवर्क खड़ा करने व देश में हिंसात्मक आंदोलन की साजिश रचने वाले गिरोह के मुख्य सदस्य मैजुल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बिजनौर पुलिस ने आरोपी मैजुल को इंदिरागांधी एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। मामले में आकिब, मैजुल और आजाद के खिलाफ बिजनौर के नागल थाने में एफआईआर दर्ज है।
यूपी एटीएस ने 2 अप्रैल को मेरठ के साकिब, अरबाब और गौतमबुद्धनगर के विकास व लोकेश को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उबैद मलिक, जलाल हैदर और समीर को गिरफ्तार किया गया था। असलहों के साथ वीडियो में दिख रहे आकिब, आजाद और मैजुल विदेश में रह रहे हैं। इन तीनों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया है।
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी मैजुल मूलत: बिजनौर के नांगल स्थित सौफतपुर का रहने वाला है। वह वर्तमान में दक्षिणी अफ्रीका में रहकर सोशल मीडिया के माध्यम से देश में कट्टरपंथी व हिंसात्मक घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। इसके लिए करीबी सदस्य नेटवर्क में देश के कई प्रमुख हिस्सों के युवाओं को जोड़ रहे थे। सभी सोशल मीडिया के माध्यम से देश में विद्रोह कराने की फिराक में थे।
एडीजी कानून-व्यवस्था ने बताया कि मैजुल शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा हिरासत में लेने के बाद सूचना दी गई। नांगल पुलिस के पहुंचने पर अथॉरिटी ने सुपुर्द किया। पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई नवंबर 2025 में नांगल में दर्ज एफआईआर में की गई है। 23 नवंबर 2025 को इंस्टाग्राम पर वायरल वीडियो में आकिब अपने साथियों के साथ लाइव आकर हाथियारों का प्रदर्शन रक रहा था। जिसे मैजुल ने अपनी प्रोफाइल से पोस्ट की थी।
जांच में सामने आया कि इस वीडियो में मैजुल, आकिब, आजाद और उवैद मलिक सहित चार लोग शामिल थे। मामले में पुलिस ने पहले ही उवैद मलिक और जलाल हैदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, मैजुल, आकिब और आजाद के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। इस मामले में 15 अप्रैल को समीर उर्फ रूहान को भी गिरफ्तार किया गया था।
समीर सोशल मीडिया प्लेटफार्म टेलीग्राम से जुड़ा है। उसके मोबाइल से राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से संबंधित साक्ष्य मिले थे। पुलिस व एटीएस की टीम मैजुल के पास से बरामद मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट की जांच शुरू कर दी है। ताकि उससे मिले सुराग के आधार पर अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
