डीडीपुरम में हालात बद से बदतर: उफन रहे सीवर, घरों के आगे जमा हो रहा गंदा पानी
बरेली, अमृत विचार। सीएम ग्रिड योजना के तहत शहर के डीडीपुरम में एक महीने से निर्माण कार्य चल रहे हैं। सीवर लाइन भी डाली जा रही है। बीबीएल स्कूल के समीप रिहायशी मकानों की मुख्य सीवर लाइन को निर्माणाधीन कार्य के दौरान बंद करने से काफी समय से गंदा व बदबूदार पानी घरों के सामने जमा हो रहा है। लोगों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। क्लासिक ग्रीन रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों का कहना है शिकायत के बाद भी नगर निगम के जलकल विभाग के अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सोसाइटी की सदस्य अंजुल मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर 12 मार्च से अब तक पांच बार शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाए गए। आरोप है कि जलकल विभाग के अधिकारियों ने किसी दूसरे स्थान की फोटो पोर्टल पर अपलोड कर शिकायतों का फर्जी निस्तारण दिखा दिया। जलकल विभाग के एई से लेकर जेई और सुपरवाइजर से कई बार संपर्क कर स्थिति की गंभीरता बताई, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ ढाक के तीन पात ही हाथ लगे। दरअसल, योजना के कार्य के दौरान पुरानी लाइन क्षतिग्रस्त हुई हैं, लेकिन इसकी मरम्मत के लिए अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
न मौके पर जाते और न ही फोन उठाते
नगर निगम के जलकल विभाग की मनमानी से लोग परेशान हैं। अफसर न तो जनता का फोन उठाते हैं और न ही मौका-मुआयना करना जरूरी समझते हैं। दो दिन पहले राजेंद्रनगर की पार्षद शशि सक्सेना ने भी अभियंताओं की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए थे। कहा था कि यह अभियंता न तो जनप्रतिनिधियों की सुनते हैं और न ही आम जनता का फोन उठाना मुनासिब समझते हैं। नगर आयुक्त से भी इसको लेकर पूर्व में कई शिकायत की जा चुकी हैं, लेकिन इन अभियंताओं का रवैया नहीं बदला। ऐसे में सड़कों पर सीवर उफनने के साथ जनता का आक्रोश फूटना लाजिमी है।
