'अपना और अपनों का ख्याल रखें'... यूपी में भीषण गर्मी को लेकर सीएम योगी ने प्रदेशवासियों के नाम जारी किया खास संदेश
लखनऊ। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक भावनात्मक और जागरूकता से भरपूर संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने जहां मौसम के बदलते चक्र और उसके प्रभावों पर चिंता जताई, वहीं सरकार की तैयारियों और नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियों का भी विस्तार से उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे मौसम का एक निश्चित चक्र होता है, वैसे ही फसलों का भी चक्र चलता है।
रबी की फसलों की कटाई पूरी हो चुकी है और नई फसल के साथ मौसमी फल लोगों के जीवन में स्वाद और ताजगी ला रहे हैं। लेकिन यदि मौसम का संतुलन बिगड़ता है, तो बाढ़, सूखा, अकाल और महामारी जैसी आपदाएं मानव जीवन के लिए संकट बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि ग्रीष्म ऋतु में बढ़ता तापमान हमें सतर्क रहने और अपनी तैयारियां मजबूत करने का संकेत देता है।
प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का जीवन अनमोल है और इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ठंड की तरह ही भीषण गर्मी से बचाव के व्यापक इंतजाम किए हैं। शासन के हर स्तर पर समन्वित और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। बढ़ती गर्मी के चलते बिजली की मांग में वृद्धि को देखते हुए राज्य सरकार ने लगभग 34,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी की है। सभी थर्मल पावर प्लांट्स को उनकी पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही, प्रदेशभर में पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है, ताकि बिजली आपूर्ति में कोई बाधा न आए। मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़कों पर पानी का छिड़काव और छायादार स्थानों की व्यवस्था की जा रही है। श्रमिकों को लू, थकावट और निर्जलीकरण से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
औद्योगिक और निर्माण स्थलों पर स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे, जबकि अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित लोगों के लिए विशेष उपचार व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। तहसील, थाने, अस्पताल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर निःशुल्क ठंडे पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही पशुधन और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। गोशालाओं में हरे चारे और पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में मनाए गए अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके आशीर्वाद से प्रदेश में सत्य, न्याय और धर्म की स्थापना सुदृढ़ हो। अंत में उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे घर के बाहर पशु-पक्षियों के लिए पानी रखें, खुद पर्याप्त मात्रा में पानी, शिकंजी, छाछ या नारियल पानी का सेवन करें, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें और सूती या खादी के ढीले कपड़े पहनें। साथ ही किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें, जिससे आग लगने का खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा- "अपना और अपनों का ख्याल रखें।
