भारत में हर कदम पर समस्याएं, 'समाधान ही स्टार्टअप'-विजन इंडिया से क्या संदेश दे रहे हैं अखिलेश यादव
लखनऊ, अमृत विचार : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पांच राज्यों में "विजन इंडिया समिट" आयोजित करके योजना, विकास और प्रगति का नजरिया पेश किया है। बेंगलुरू, हैदराबाद, भुवनेश्वर, मुंबई और जयपुर में हुईं इन समिट्स में बुद्धिजीवी, उद्यमी और युवा शामिल हुए। बेंगलुरू की समिट 'स्टार्टअप' पर फोकस रही।
अखिलेश यादव ने स्टार्टअप्स को समस्याओं का समाधान बताते हुए कहा कि यूपी की चुनौतियों को स्टार्टअप्स के जरिए हल किया जा सकता है। उन्होंने कहा, "हर समाधान एक स्टार्टअप है। भारत जैसे विकासशील देश में, जहां दुनिया की सबसे बड़ी आबादी है, वहां अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, "भारत में हर कदम पर समस्याएं हैं। कहीं संसाधनों की कमी, तो कहीं प्रशासनिक या प्रबंधन संबंधी चुनौतियां। इन सभी का समाधान तेज और बुद्धिमत्तापूर्ण स्टार्टअप्स के माध्यम से संभव है।" स्टार्टअप्स को केवल लाभ कमाने का माध्यम न मानते हुए उनके सामाजिक उद्देश्य पर भी जोर दिया, और कहा कि ये वित्तीय सफलता के साथ-साथ सामाजिक प्रभाव को भी संतुलित करते हैं। समावेशी संस्कृति को बढ़ावा देते हैं।
हैदराबाद में अखिलेश याव ने कहा कि वह विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ हैं और उसे रोकना ही Vision India का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि किसानों, बुनियादी ढांचे, शहरीकरण, शहरों में बेहतर सुविधाएं, ट्रैफिक समस्या के समाधान, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में एआई तकनीक का प्रभावी उपयोग आवश्यक है। यूपी में बढ़ते साइबर अपराध पर चिंता जताते हुए कहा कि ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। अफसर भी निशाना बन रहे। तकनीक का सही इस्तेमाल और लाभ सबको मिलना चाहिए।
तीसरा कार्यक्रम ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 'होलिस्टिक हेल्थ समिट' (Holistic Health Summit) पर केंद्रित था। यह बेंगलुरु (स्टार्टअप) और हैदराबाद (AI) के बाद इस श्रृंखला का तीसरा प्रमुख सम्मेलन था। भुवनेश्वर सम्मेलन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा को केवल रोगों के उपचार तक सीमित न रखकर शारीरिक फिटनेस, मानसिक कल्याण, और सामाजिक स्थितियों के समावेशी विकास पर चर्चा करना था। अखिलेश यादव ने कहा "हमने आज के विषय के रूप में 'स्वास्थ्य' नहीं, बल्कि 'समग्र स्वास्थ्य' चुना है, क्योंकि आज लोग केवल बीमारी के इलाज से आगे बढ़कर संपूर्ण कल्याण और स्वस्थ जीवनशैली की तलाश कर रहे हैं।"
"समग्र स्वास्थ्य का अर्थ है शरीर, मन और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करना, यही पूर्ण स्वास्थ्य और वेलनेस की परिभाषा है।" उन्होंने कहा "हमारा पर्यावरण, जिसमें घर, कार्यस्थल, सामाजिक परिवेश और प्राकृतिक वातावरण शामिल हैं। हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालता है। इसलिए एक सकारात्मक और सहयोगी वातावरण का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।" अखिलेश यादव ने "हेल्दी इंडिया" नारा देकर कहा कि यह केवल एक नारा (Slogan) नहीं बल्कि एक मिशन होना चाहिए। उन्होंने चिकित्सा बनाम स्वास्थ्य सेवा की चर्चा करते हुए 'मेडिकल केयर' (जो बीमारी के बाद होती है) और 'हेल्थ केयर' (जो निवारक या प्रिवेंटिव होती है) के बीच के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि देश में केवल 30% स्वास्थ्य आवश्यकताओं पर ही पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है।
विजन इंडिया आयोजनों में अखिलेश यादव ने PDA मॉडल को नए सिरे से परिभाषित किया- P (Plan/योजना), D (Develop/विकास), A (Ascent/प्रगति)। मुंबई में आयोजित सम्मेलन में 'क्रिएटिव इकोनॉमी' (Creative Economy) पर मंथन हुआ। अखिलेश यादव ने 'क्रिएटिविटी, पॉजिटिविटी और इक्वलिटी' (Creativity, Positivity, Equality) योजना, विकास और उत्कर्ष पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो इंसानियत और दुनिया को बेहतर बनाए, वही सच्ची रचनात्मकता है।
रचनात्मक उद्योग के भविष्य पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कलाओं को अत्याधुनिक डिजिटल नवाचार के साथ जोड़कर भारत अपनी रचनात्मक संपदा को वैश्विक प्रभाव और रोजगार सृजन के एक स्थायी माध्यम में बदल सकता है। अखिलेश यादव ने कहा "हर नए सुधार, नीति और योजना के पीछे रचनात्मकता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी सच्ची और अच्छी सरकार का लक्ष्य या तो पहले से मौजूद व्यवस्था को बेहतर बनाना होता है या फिर व्यापक जनसमूह की किसी समस्या का समाधान करना होता है।"
जयपुर में 'हारमोनियस हेरिटेज समिट' (Harmonious Heritage Summit) था। इसमें बुद्धिजीवियों, सांस्कृतिक इतिहासकारों और युवा नेताओं का एक विविध समूह एकत्रित हुआ, जिन्होंने भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और उत्थान के मार्ग पर विचार-विमर्श किया। अखिलेश यादव ने कहा कि केवल नाम ही नहीं, बल्कि शहर की कला, वास्तुकला, संगीत और भोजन सभी गहरी जड़ें जमाए बहुसांस्कृतिक समरसता को दर्शाते हैं।"
उन्होंने "सामंजस्य से सौहार्द, सौहार्द से अमन-चैन और अमन-चैन से तरक्की" का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब समाज में भाईचारा और समानता होगी, तभी देश का विकास संभव है। विरासत केवल स्मारकों को बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एकता और साझा पहचान की भावना को संजोने के बारे में है। "
