गर्मी का असर: पारा बढ़ते ही सिस्टम देने लगा धोखा, लोड बढ़ते ही 15 दिन में जले 52 ट्रांसफार्मर

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। अप्रैल में पारा चढ़ा वैसे ही ट्रांसफार्मर दगा देने लगे। जबकि बिजली विभाग की तरफ से गर्मी में बेहतर बिजली आपूर्ति देने की तैयारी सर्दी में ही शुरू कर दी गई थी। 15 दिन की गर्मी में ही शहर से लेकर देहात तक करीब 52 ट्रांसफार्मर फुंक गए। पावर कारपोरेशन अध्यक्ष ने ट्रांसफार्मर फुंकने पर कार्रवाई के आदेश दिए थे, लेकिन मुख्य अभियंता की तरफ से इसके लिए किसी पर कार्रवाई नहीं की गई।

गर्मी के चलते लगातार बढ़ता लोड जिले की विद्युत व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित करने लगा है। पिछले 15 दिनों में लोड और ओवर हीटिंग के चलते जिले में करीब 52 ट्रांसफार्मर जलकर खराब हो गए, जिससे कई मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। इनमें शहरी क्षेत्र में तीन और ग्रामीण क्षेत्र में 49 ट्रांसफार्मर हैं। पिछले दिनों मुख्य अभियंता ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग करके निर्देश दिए थे कि कहीं भी ट्रांसफार्मर फुंका तो संबंधित एसडीओ और जेई के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अभी तक एक भी एसडीओ या जेई पर कार्रवाई नहीं होने से अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जून-जुलाई में और बिगड़ेंगे हालात
विभाग की तरफ से सर्दी के मौसम में अनुरक्षण माह मनाकर घंटों बिजली कटौती की गई थी ताकि गर्मियों में लोगों को निर्बाध बिजली मिले, लेकिन गर्मी शुरू होते ही बिजली की किल्लत शुरू हो गई है। अभी जून और जुलाई की तपिश बाकी है। शहरी क्षेत्र में वार्टिकल व्यवस्था होने के बाद बिजली आपूर्ति के हालात और बिगड़ गए हैं।

मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में ट्रांसफार्मर अधिक फुंके हैं। अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर ट्रांसफार्मर फुंकने की वजह बताने को कहा गया है। गर्मी से निपटने को लेकर विभाग की तरफ से तैयारी की गई है। खराब ट्रांसफार्मर बदलने और मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है। साथ ही अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने और लोड मैनेजमेंट पर भी काम चल रहा है ताकि आपूर्ति को सामान्य किया जा सके।

 

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