Rampur: आजम और बेटे अब्दुल्ला को झटका, पैनकार्ड मामले में सजा बरकरार
रामपुर, अमृत विचार। सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को की फर्जी पैनकार्ड मामले सात-सात साल को बरकरार रखा है। एमपी एमएलए कोर्ट ने पैनकार्ड मामले में दोनों को सात साल की सजा दी थी। सजा के खिलाफ आजम और उनके बेटे ने सेशन कोर्ट में अपील की थी।
मामला 2019 का है, भाजपा नगर विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में अब्दुल्ला आजम पर अलग-अलग जन्मतिथि से दो पैन कार्ड बनवाने की शिकायत की थी। जांच में आजम खान की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उन्हें भी आरोपी बनाया गया। इसमें कहा था कि अब्दुल्ला आजम ने नियमों का उल्लंघन करते हुए दो पैन कार्ड बनवाए। जांच के दौरान मामले में आजम खान की भूमिका सामने आने पर उन्हें भी आरोपी बनाया गया। जिसके बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ता के अनुसार अब्दुल्ला आजम ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दो अलग-अलग जन्मतिथि वाले पैन कार्ड बनवाए थे। इनमें एक में 01 जनवरी, 1993 और दूसरे में जन्मतिथि 30 सितंबर, 1990 दर्ज थी। लंबी सुनवाई के बाद रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को दोनों को दोषी ठहराया था। कोर्ट ने दोनों को 7-7 साल की सजा सुनाई और 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। सजा के बाद से दोनों रामपुर जिला जेल में बंद हैं। सजा के खिलाफ अपील पर भी सेशन कोर्ट ने उनकी मांग को खारिज करते हुए ,सजा बरकरार रखी है।
