आईपीएल 2026 : सनराइजर्स ने दिल्ली कैपिटल्स को दिया 243 रन का लक्ष्य, अभिषेक ने जड़ा तूफानी शतक
हैदराबाद। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (नाबाद 135) की आक्रामक शतकीय पारी की बदौलत सनराइजर्स हैदराबाद ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टी20 मैच में मंगलवार को यहां दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ दो विकेट पर 242 रन बनाए। अभिषेक ने दिल्ली के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए 68 गेंदों की नाबाद पारी में 10 छक्के और इतने ही चौके लगाए। उन्होंने शुरुआती तीन विकेटों के लिए बड़ी साझेदारियां कीं।
उन्होंने ट्रेविस हेड (26 गेंद में 37) के साथ पहले विकेट के लिए 53 गेंदों में 97 रन और कप्तान इशान किशन (13 गेंद में 25 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 35 गेंदों में 79 रन की साझेदारी की। इसके बाद उन्होंने हेनरिख क्लासेन (13 गेंद में नाबाद 37) के साथ तीसरे विकेट के लिए 32 गेंदों में 66 रन की अटूट साझेदारी कर टीम के बड़े स्कोर को सुनिश्चित किया।
अभिषेक की तूफानी पारी के सामने नीतिश राणा की ऑफ स्पिन और लुंगी एनगिडी (चार ओवर में 41 रन) की धीमी गेंदें भी बेअसर रहीं। दिल्ली के लिए एकमात्र सफलता अक्षर पटेल को मिली, जिन्होंने हेड को आउट कर पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी पूरी नहीं होने दी। किशन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हुए। अभिषेक के बल्ले से निकला शॉट गेंदबाज नीतिश राणा के हाथों से लगकर विकेटों से टकरा गया और किशन क्रीज से बाहर थे।
दिल्ली कैपिटल्स की रणनीति पूरी तरह नाकाम रही। टीम ने पारी की शुरुआत कामचलाऊ स्पिनर राणा से कराई, जिन्होंने चार ओवर में 55 रन लुटाए और बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ छह छक्के खाए। क्रिकेट निदेशक वेणुगोपाल राव और मुख्य कोच हेमंग बदानी की अगुवाई वाले टीम प्रबंधन की रणनीति सवालों के घेरे में रही। राणा को लगातार ओवर दिए गए, जबकि प्रमुख स्पिनर अक्षर पटेल (दो ओवर में 23 रन पर एक विकेट) ने सिर्फ दो ओवर डाले, जबकि कुलदीप यादव (दो ओवर में 30 रन) को एक महंगे ओवर के बाद आगे मौका नहीं दिया गया। राणा ने पहला ओवर किफायती डाला, लेकिन दूसरा ओवर 20 रन का रहा।
उन्हें फिर दो ओवर दिए गए, जिनमें से एक में 23 रन बने। दिल्ली के स्पिन आक्रमण ने कुल आठ ओवर में 108 रन खर्च किए। पावरप्ले में 67 रन देने के बाद टीम ने सातवें से 15वें ओवर के बीच 116 रन लुटाकर मैच पर पकड़ पूरी तरह गंवा दी। अभिषेक के रुतबे को देखते हुए यह धीमी शतकीय पारी लग सकती है, लेकिन इस पारी की खासियत उनकी शॉट चयन और टाइमिंग रही।
उन्होंने खासकर एनगिडी के खिलाफ गेंद को देर से खेलते हुए ज्यादातर शॉट्स विकेट के सामने लगाए। उन्होंने 47 गेंदों में शतक पूरा किया और अंत तक आक्रामक रुख बनाए रखा। क्लासेन ने आखिरी ओवरों में तीन चौके और इतने ही छक्कों की मदद से लगभग 280 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बनाकर टीम को 240 रन के पार पहुंचाया।
