राष्ट्रीय मंच पर चमका यूपी का हरित परिवहन मॉडल: ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में दमदार प्रस्तुति, यूपी के विजन को मिली सराहना

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: नई दिल्ली में आयोजित ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश ने हरित, आधुनिक और तकनीक-आधारित परिवहन मॉडल की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने प्रदेश के सतत मोबिलिटी, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और भविष्य उन्मुख अवसंरचना के विजन को विस्तार से रखा।

इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय कॉन्क्लेव में देशभर के नीति-निर्माता, उद्योग प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्घाटन नितिन गडकरी ने किया। अपने संबोधन में मनोज कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश हरित परिवहन, स्वच्छ ऊर्जा आधारित मोबिलिटी और आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के जरिए नए मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है, जिसमें पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाएं कनेक्टिविटी को मजबूत बना रही हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ई-बसों और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दे रही है। साथ ही एथेनॉल, बायोगैस और संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) जैसे वैकल्पिक ईंधनों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीकों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, डिजिटल टोलिंग और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी पहलें भविष्य की मोबिलिटी को नई दिशा देंगी। 

उन्होंने जोर देकर कहा कि हरित परिवहन, कुशल लॉजिस्टिक्स और सतत अवसंरचना ‘विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ और ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस प्रस्तुति को राष्ट्रीय मंच पर व्यापक सराहना मिली, जिससे उत्तर प्रदेश का विकास मॉडल और निवेश संभावनाएं और मजबूत होकर उभरी हैं।

यूपी का हरित परिवहन विजन

उत्तर प्रदेश का फोकस स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन प्रणाली विकसित करने पर है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार और सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाना शामिल है। साथ ही, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के जरिए सड़क, रेल और जलमार्ग को जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है। लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने से माल परिवहन तेज और किफायती हो रहा है। यह मॉडल न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगा, बल्कि आर्थिक विकास को भी गति देगा और प्रदेश को वैश्विक निवेश के लिए आकर्षक बनाएगा।

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