यूपी में ध्वनि प्रदूषण रोकने को SOP जारी, वाहनों में अवैध बदलाव पर अब जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान
लखनऊ, अमृत विचार : राज्य में वाहनों में मनमाने बदलाव कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है। यातायात निदेशालय ने ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है, जिसके तहत नियमों का उल्लंघन करने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
एसओपी के अनुसार मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत वाहन में अवैध बदलाव करने वाले निर्माताओं, आयातकर्ताओं और डीलरों को एक वर्ष तक की सजा हो सकती है। वहीं वाहन मालिक द्वारा गाड़ी में बदलाव कराने या अमान्य पुर्जे लगवाने पर छह माह की सजा और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
यातायात एवं सड़क सुरक्षा निदेशक ए. सतीश गणेश ने बताया कि तेज आवाज वाले साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर के उपयोग से ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है, जो कानूनन दंडनीय है। यह कार्रवाई मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) और 182(4) के तहत की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर जनहित याचिका की सुनवाई के बाद यह एसओपी लागू की गई है, ताकि सड़कों पर ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।
