Bareilly : नगर निगम के लाल निशान से व्यापारी परेशान

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Published By Pradeep Kumar
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भड़के व्यापारियों ने नगर आयुक्त को दिए ज्ञापन में दहशत फैलाने का लगाया आरोप

बरेली, अमृत विचार। नगर निगम की ओर से कोहाड़ापीर से नैनीताल रोड पर गाटा संख्या 481 पर लगाए लाल निशानों ने प्रशासन और व्यापारियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी है। उमेश गुप्ता की संपत्ति को अतिक्रमण की जद में बताने की कोशिश को रुहेलखंड उद्योग व्यापार मंडल ने सिरे से खारिज कर दिया है। गुरुवार को नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य को व्यापारियों ने ज्ञापन सौंपा।

प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार मेहरोत्रा ने बताया पीडब्ल्यूडी ने 27 सितंबर 2019 को ही अपने पत्र में स्पष्ट कर दिया था कि यह निर्माण पक्की सड़क के मध्य से 12.50 मीटर की सुरक्षित दूरी पर है। तहसील प्रशासन की पूर्व की जांच रिपोर्ट में भी यह भूमि किसी चकरोड, तालाब या नाले की श्रेणी में नहीं पाई गई है, फिर नगर निगम किस आधार पर इसे अवैध घोषित कर रहा है। व्यापारियों ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि यह संपत्ति स्वयं बीडीए की ओर से बेची गई थी, तो अब इसे अतिक्रमण कैसे माना जा सकता है।

व्यापार मंडल ने कहा कि सिविल कोर्ट ने 1998 में ही इसके ध्वस्तीकरण पर स्थायी रोक लगा दी थी और बाद में हाईकोर्ट ने भी आदेश दिया था कि विधिक प्रक्रिया के बिना कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। बावजूद 10 अप्रैल को लाल निशान लगाकर दहशत का माहौल बनाने की कोशिश की गई। जिला अध्यक्ष दिनेश चंद्र सक्सेना और शहर अध्यक्ष मनोज कपूर ने चेतावनी दी कि व्यापारियों का सब्र जवाब दे रहा है। नगर निगम पीडब्ल्यूडी के मानकों और न्यायालय के आदेशों का अध्ययन करे। साथ ही यह भी जांच की जाए कि बीडीए की ओर से बेची गई इस संपत्ति को किन आधारों पर अतिक्रमण की श्रेणी में रखकर लाल निशान लगाए गए हैं। बिना जांच और विधिक प्रक्रिया के किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ की गई, तो व्यापार मंडल उग्र आंदोलन करेगा।

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