गौतमबुद्धनगर : फर्जी रजिस्ट्री कर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर क्षेत्र ग्रेटर नोएडा के जारचा थाना पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी रजिस्ट्री करके लोगों से ठगी करते थे। पुलिस ने आरोपियों से स्कॉर्पियो गाड़ी, चार एटीएम कार्ड, और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं। गिरोह ने जारचा थाना क्षेत्र में करीब तीन करोड़ तीन लाख रुपये की ठगी की थी।
शुक्रवार को पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने समाना नहर के पास एक संयुक्त ऑपरेशन के तहत आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गाजियाबाद निवासी प्रदीप राणा, बिहार निवासी खुशबू और ज्योत्सना शामिल हैं। इन आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने स्कॉर्पियो एन गाड़ी, चार एटीएम कार्ड और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं, जो ठगी में इस्तेमाल किए जाते थे। यह एक बड़ा गिरोह है, जिसका मुख्य सरगना का नाम टीटू राणा है। इस गिरोह में 20 से 25 लोग शामिल हैं, जिनमें महिलाएं भी हैं।
यह गिरोह खासतौर पर उन जमीनों को निशाना बनाता था, जिनके मालिक गांवों में रहते थे और उनकी जमीनों पर कब्जा नहीं था। फिर ये लोग फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन जमीनों को तीसरे व्यक्ति को धोखे से बेच देते थे। गिरोह के सदस्य फर्जी कागजात तैयार करके जमीनों को बेचने का काम करते थे। इसके बाद, वे जमीन खरीदने के इच्छुक लोगों को ढूंढते थे और उन्हें फर्जी तरीके से बैनामा करा देते थे। जब खरीदार जमीन पर कब्जा लेने जाते थे, तो उन्हें ठगी का एहसास होता था।
इस तरह से गिरोह ने जारचा थाना क्षेत्र में लगभग तीन करोड़ रुपये की ठगी की घटना को अंजाम दिया था। गिरफ्तार आरोपियों से अब पुलिस पूछताछ कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य सरगना टीटू राणा की तलाश शुरू कर दी है, और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार करने का दावा किया है।
इस गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क को तोड़ने के लिए पूरी कोशिश की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं फिर से न घटें। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी जमीन या संपत्ति की खरीद-फरोख्त करते वक्त पूरी सतर्कता बरतें और किसी भी फर्जी कागजात की जांच किए बिना कोई भी लेन-देन न करें।
