मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय अंतिम चरण में, 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य, खेल शिक्षा और प्रशिक्षण का बनेगा बड़ा केंद्र
85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण
लखनऊ/मेरठ, अमृत विचार: प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार का मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। मेरठ के सरधना क्षेत्र में बन रहे इस विश्वविद्यालय का करीब 85 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसे 31 मई तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
करीब 36.98 हेक्टेयर (लगभग 91.38 एकड़) क्षेत्रफल में बन रहे इस विश्वविद्यालय पर लगभग 369.11 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। परियोजना का निर्माण ईपीसी मोड पर किया जा रहा है, जिसकी नोडल एजेंसी लोक निर्माण विभाग है। अब तक करीब 247 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं और वर्तमान में फिनिशिंग कार्य तेजी से जारी है। मालूम हो कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख खेल केंद्र बनाना है, जहां से भविष्य के ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार हो सकें।
नए कोर्स शुरू करने की तैयारी
विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत के अनुसार, मई में आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें नए पाठ्यक्रमों को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके बाद करीब 300 नए छात्रों के प्रवेश का लक्ष्य रखा गया है।
अत्याधुनिक खेल सुविधाओं से होगा लैस
विश्वविद्यालय को आधुनिक खेल सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। यहां सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, हॉकी मैदान, फुटबॉल ग्राउंड, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल और कबड्डी मैदान विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही लॉन टेनिस कोर्ट, जिम्नेजियम, स्विमिंग पूल, बहुउद्देशीय हॉल और स्पोर्ट्स साइंस लैब जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
यहां 22 ओलंपिक खेलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस वर्ष एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, रेसलिंग, योग, जूडो, ताइक्वांडो और कबड्डी जैसे खेल शुरू होंगे, जबकि अगले चरण में शूटिंग, आर्चरी, घुड़सवारी और अन्य खेल जोड़े जाएंगे।
रोजगार और खेल संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
विश्वविद्यालय में स्नातक से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इसमें फिजिकल एजुकेशन, स्पोर्ट्स साइंस, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे विषय शामिल होंगे।
कुलपति दीप अहलावत के अनुसार, इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और खेल विज्ञान के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना है। साथ ही, इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
