दिल्ली अग्निकांड के बाद अग्निशमन विभाग ने चलाया अभियान, होटल- रेस्टारेंट आदि में आग से बचाव के परखे इंतजाम

Amrit Vichar Network
Edited By Deepak Mishra
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अयोध्या, अमृत विचार। दिल्ली में बुधवार को होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद गुरुवार को रामनगरी में भी अग्निशमन विभाग ने जांच अभियान चलाया। टीम ने होटल, रेस्टारेंट आदि में आग से बचाव के इंतजाम परखे। आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने प्रभारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में तीन विशेष टीम गठित कर शहर के सभी होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस और होम-स्टे की व्यापक जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

टीमों को निर्देश दिए गए कि वे केवल कागजी दस्तावेजों पर ही भरोसा न करें, बल्कि स्थल पर जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें। यदि किसी प्रतिष्ठान में अग्निशमन मानकों का उल्लंघन मिले तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसमें जुर्माना, सीलिंग और कानूनी कार्रवाई दोनों शामिल हो सकते हैं।

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टीमों ने गुरुवार को शहर के होटल-रेस्टोरेंटों में आग बुझाने के यंत्र फायर एक्सटिंग्विशर, स्प्रिंकलर सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म, आपातकालीन निकास द्वार और स्टेयरकेस की उपलब्धता तथा उनके संचालन की जांचा।अधिकारियों के अनुसार अयोध्या में दर्जनों बड़े-बड़े होटल, रिसॉर्ट, 250 से अधिक गेस्ट हाउस और तीन हजार से ज्यादा होम-स्टे संचालित हो रहे हैं। कई नए निर्माण भी तेजी से हो रहे हैं।

टीम ने गुरुवार को पार्क इन रेडिशन, रमीला, रामप्रस्थ समेत अन्य जगहों पर अग्निशमन यंत्रों को परखा। होटलों के मैनेजर तथा अन्य कर्मियों को वहां पर लगे अन्य सामान यंत्रों का उपयोग करने की जानकारी दी। बताया कि आग लगने पर उसे कैसे काबू में किया जाए।

क्या है मानक

अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक व्यावसायिक भवन में न्यूनतम पांच किलोग्राम के फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेंट सिस्टम, फायर प्रूफ दरवाजे और नियमित फायर ड्रिल अनिवार्य हैं। चार मंजिला से ऊपर के भवनों में ऑटो मैटिक स्प्रिंकलर और फायर एस्केप अनिवार्य है। होम-स्टे में भी बुनियादी अग्निशमन उपकरण रखना जरूरी है।

15 दिन में कराएं फायर सेफ्टी ऑडिट

प्रभारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार पांडेय ने सभी होटल व रेस्टोरेंट संचालकों को चेतावनी जारी की है कि वे स्वयं अपनी जगहों पर फायर सेफ्टी ऑडिट करा लें, 15 दिनों के अंदर जांच पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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